पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना में दो नए स्कूल ऑफ एमिनेंस का उद्घाटन किया। इसके साथ जिले में ऐसे स्कूलों की संख्या 16 हो गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम सरकारी शिक्षा को और मजबूत बनाएगा।
लुधियाना: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना को दो नए स्कूल ऑफ एमिनेंस की सौगात दी है। किदवई नगर और मिलर गंज में बने इन आधुनिक स्कूलों के उद्घाटन के साथ जिले में स्कूल ऑफ एमिनेंस की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सभी बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
लुधियाना को मिले दो नए स्कूल ऑफ एमिनेंस

पंजाब सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाते हुए लुधियाना में दो नए स्कूल ऑफ एमिनेंस जनता को समर्पित कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किदवई नगर और मिलर गंज स्थित इन अत्याधुनिक स्कूलों का उद्घाटन किया। इन दोनों स्कूलों के शुरू होने के बाद लुधियाना में स्कूल ऑफ एमिनेंस की कुल संख्या 16 हो गई है, जो राज्य में सबसे अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे नए स्कूल
किदवई नगर स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस का निर्माण लगभग 10.62 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह भवन 8,300 वर्ग गज से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें 27 स्मार्ट कक्षाएं, सात आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, प्राचार्य कक्ष, 500 विद्यार्थियों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और नौ शौचालय बनाए गए हैं।
वहीं, मिलर गंज स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस का निर्माण करीब 3.48 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। यह भवन 1,800 वर्ग गज से अधिक क्षेत्र में तैयार किया गया है। इसमें 11 कक्षाएं, सात प्रयोगशालाएं, प्राचार्य कक्ष, छह शौचालय और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए लिफ्ट जैसी आधुनिक व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।
सरकारी स्कूलों पर बढ़ रहा अभिभावकों का भरोसा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में किए गए निवेश का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। आधुनिक आधारभूत ढांचे, शिक्षकों के प्रशिक्षण और नई शिक्षण पद्धतियों के कारण सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है और सरकारी स्कूलों पर लोगों का विश्वास पहले की तुलना में काफी मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस वर्ष सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा और 125 से अधिक विद्यार्थियों ने JEE Main परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार का परिणाम बताया।
विद्यार्थियों से की बातचीत, शिक्षकों का बढ़ाया उत्साह
स्कूलों के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ बातचीत की और उनकी पढ़ाई, विज्ञान प्रयोगों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशालाओं और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का निरीक्षण भी किया। इस दौरान शिक्षकों और स्कूल स्टाफ से मुलाकात कर उनके प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में कई विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से ऑटोग्राफ लिए और अपने हाथों से बनाए गए चित्र एवं स्केच उन्हें भेंट किए। अभिभावकों ने भी सरकारी स्कूलों में हो रहे बदलावों की प्रशंसा करते हुए सरकार के प्रयासों की सराहना की।
शिक्षा के क्षेत्र में लुधियाना बना अग्रणी जिला
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में अग्रणी रहने वाला लुधियाना अब शिक्षा के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल ऑफ एमिनेंस मॉडल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच में अमीर और गरीब के बीच की दूरी कम की है। आज सामान्य परिवारों के बच्चों को भी ऐसी सुविधाएं मिल रही हैं, जो कई निजी स्कूलों से बेहतर हैं।
उन्होंने बताया कि इससे पहले इंद्रपुरी स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस का भी उद्घाटन किया जा चुका है, जहां स्विमिंग पूल और टेनिस कोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहां विद्यार्थियों की संख्या 1,320 से बढ़कर 1,788 हो चुकी है, जो सरकारी स्कूलों के प्रति बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पंजाब का शिक्षा मॉडल पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा।












