भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता अप्रैल में लागू, भारतीय निर्यातकों को मिलेगा लाभ

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता अप्रैल 2026 में लागू हो सकता है। इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में नई संभावनाएं और लाभ मिलेगा।

भारत और अमेरिका का अंतरिम व्यापार समझौता अप्रैल 2026 में लागू हो सकता है। इससे पारस्परिक शुल्क घटेंगे और भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में नई संभावनाएं मिलेंगी। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने व्यापार अवसरों की जानकारी दी।

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को जानकारी दी कि मार्च में समझौते पर हस्ताक्षर होने और अप्रैल में इसे लागू करने की संभावना है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार में नई दिशा और अवसर खुलेंगे।

गोयल ने बताया कि 2026 में भारत कई अंतरराष्ट्रीय व्यापार सौदों और मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) को अंतिम रूप देने जा रहा है। इसी माह भारत-यूनाइटेड किंगडम और भारत-ओमान के मुक्त व्यापार समझौते भी लागू हो सकते हैं। इसके बाद भारत और न्यूजीलैंड के बीच समझौते को सितंबर में लागू करने की योजना है।

भारत-अमेरिका समझौते पर प्रगति

भारत और अमेरिका के अधिकारियों ने 23 फरवरी को वाशिंगटन में अंतरिम व्यापार समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने का कार्यक्रम तय किया है। भारत अपने मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन को अमेरिका भेज रहा है, जो भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख होंगे। इस प्रतिनिधिमंडल का काम 7 फरवरी को दोनों देशों द्वारा जारी संयुक्त बयान के अनुरूप समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना है।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि संयुक्त बयान में समझौते की रूपरेखा तय की गई थी। अब इस रूपरेखा को कानूनी समझौते में बदला जाएगा, जिस पर दोनों पक्ष हस्ताक्षर करेंगे। अग्रवाल ने कहा कि समझौते के लागू होने के बाद अमेरिका भारतीय माल पर लगाए गए 25% पारस्परिक शुल्क को घटाकर 18% करने की प्रक्रिया शुरू कर देगा।

पारस्परिक शुल्क में कमी और लाभ

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अब तक रूस से तेल खरीद पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 25% दंडात्मक टैरिफ को हटा दिया गया है। वाणिज्य सचिव ने कहा कि बाकी 25% पारस्परिक टैरिफ को 18% तक घटाने के लिए अमेरिकी पक्ष काम कर रहा है। इस कदम से भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता अप्रैल में लागू, भारतीय निर्यातकों को मिलेगा लाभ

अग्रवाल ने कहा कि कानूनी समझौते को मार्च तक अंतिम रूप दिया जाएगा और उस पर हस्ताक्षर कर इसे लागू किया जाएगा। अगर इस सप्ताह इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया तो भारतीय प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह फिर से वाशिंगटन जाएगा। उनका कहना था कि दोनों पक्ष इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

अन्य व्यापार सौदे

वाणिज्य मंत्री ने बताया कि इस माह ब्रिटेन और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) भी लागू होने की संभावना है। इसके बाद भारत और न्यूजीलैंड के बीच समझौते को सितंबर 2026 में लागू करने का लक्ष्य है। इन समझौतों से भारत के निर्यात और निवेश को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।

गोयल ने कहा कि भारत की 2026 की रणनीति वैश्विक व्यापार को मजबूत करने और भारतीय उद्योगों और निर्यातकों के लिए अवसर बढ़ाने पर केंद्रित है। यह रणनीति विशेष रूप से युवा उद्यमियों और छोटे उद्योगपतियों के लिए फायदेमंद साबित होगी।

उद्योग जगत को मिलेगा फायदा

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के लागू होने से भारतीय व्यापारियों को अमेरिकी बाजार में नई संभावनाएं मिलेंगी। इसके अलावा अमेरिकी निवेशकों के लिए भी भारत आकर्षक गंतव्य बन जाएगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा और नई नौकरियों और तकनीकी सहयोग के अवसर पैदा करेगा।

गोयल ने बताया कि अमेरिकी बाजार में निर्यात बढ़ने से भारत के कई क्षेत्र जैसे कृषि, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही भारतीय कंपनियों को अमेरिकी मानकों और नियमों के अनुरूप अपने उत्पादों में सुधार करने का अवसर मिलेगा।

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