पीएम मोदी-लूला की दोस्ती से India-Brazil संबंध ऐतिहासिक स्तर पर, राजदूत बोले- नए दौर की शुरुआत

पीएम मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला की बढ़ती दोस्ती से India-Brazil संबंध मजबूत हुए, AI Impact Summit में दोनों देशों ने डिजिटल सहयोग बढ़ाया।

AI Impact Summit 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के बढ़ते संबंधों ने भारत-ब्राजील द्विपक्षीय सहयोग को ऐतिहासिक स्तर पर पहुँचाया। दोनों नेता वैश्विक दक्षिण में AI के लाभ साझा करने पर जोर दे रहे हैं।

नई दिल्ली। भारत में आयोजित AI Impact Summit 2026 में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बढ़ते रिश्तों ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा दिया है। भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ दा नोब्रेगा ने कहा कि यह न केवल सहकर्मी संबंध हैं बल्कि दोनों नेताओं के बीच गहरी दोस्ती भी विकसित हुई है।

राजदूत ने एएनआई से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक दक्षिण (Global South) को Artificial Intelligence (AI) की नई लहर में शामिल करने के लिए प्रयास कर रहे हैं, जो आने वाले समय में जीवन के कई पहलुओं को बदल सकती है। उनका कहना था कि भारत AI के क्षेत्र में तेजी से वैश्विक केंद्र बन रहा है और यह शिखर सम्मेलन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

भारत की मेजबानी

राजदूत केनेथ दा नोब्रेगा ने बताया कि ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के प्रतिनिधिमंडल में 11 से अधिक कैबिनेट मंत्री और 300 से अधिक व्यवसायी शामिल हैं, जिनमें 50 सीईओ भी शामिल हैं। यह प्रतिनिधिमंडल अब तक का सबसे बड़ा है, जो भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूती देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने कहा कि AI Impact Summit 2026 वैश्विक दक्षिण का एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन है। इसमें भारत की भूमिका इसलिए अहम है क्योंकि देश तेजी से AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व के लिए उभर रहा है। शिखर सम्मेलन में तकनीकी नवाचार, AI के लाभ और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर चर्चा की गई।

लूला-मोदी का रणनीतिक सहयोग

राजदूत ने बताया कि राष्ट्रपति लूला और प्रधानमंत्री मोदी के संबंध सिर्फ राजनयिक नहीं हैं बल्कि दोस्ताना भी हैं। दोनों नेता अक्सर नई पहलों और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग करते रहे हैं। दा नोब्रेगा ने कहा, “यह द्विपक्षीय संबंध ऐतिहासिक रूप से नए स्तर पर पहुंच चुके हैं। दोनों नेताओं के बीच भरोसा और समझ इतनी गहरी है कि यह केवल सहकर्मी नहीं बल्कि सच्चे मित्र के रूप में विकसित हुआ है।”

AI के लिए बहुपक्षीय वैश्विक शासन की आवश्यकता

पीएम मोदी-लूला की दोस्ती से India-Brazil संबंध ऐतिहासिक स्तर पर, राजदूत बोले- नए दौर की शुरुआत

शिखर सम्मेलन में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने AI के बहुपक्षीय वैश्विक शासन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित तकनीकी विस्तार असमानताओं को बढ़ा सकता है और कुछ देशों व कॉर्पोरेशनों में शक्ति का केंद्रीकरण कर सकता है।

लूला ने चेतावनी दी कि चौथी औद्योगिक क्रांति की तेजी और तकनीकी नवाचार तब तक लाभकारी नहीं रहेंगे जब तक वैश्विक स्तर पर नियम और सहयोग का ढांचा मजबूत नहीं किया जाता। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के बिना AI के विकास से वैश्विक असमानता बढ़ सकती है और छोटे देशों और गरीब समुदायों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

भारत और ब्राजील का साझा दृष्टिकोण

ब्राजील के राजदूत ने बताया कि भारत और ब्राजील के नेताओं का साझा दृष्टिकोण यह है कि AI के फायदों का व्यापक वितरण होना चाहिए। दोनों देश चाहते हैं कि तकनीकी विकास वैश्विक न्याय और समावेशिता के आधार पर हो।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत AI के क्षेत्र में निवेश और नवाचार को प्रोत्साहित कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक दक्षिण को AI में शामिल करने के लिए पहल की है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं को इस नई तकनीक का लाभ मिल सके।

तकनीकी सहयोग के अवसर

शिखर सम्मेलन में डिजिटल टेक्नोलॉजी, AI स्टार्टअप्स और नवाचार पर चर्चा हुई। राजदूत ने कहा कि भारत और ब्राजील के बीच तकनीकी सहयोग के नए अवसर खुल रहे हैं। दोनों देशों के उद्यमी, तकनीकी विशेषज्ञ और व्यवसायी अब साझा परियोजनाओं और निवेश के लिए तैयार हैं।

इसके अलावा, AI के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। ब्राजील और भारत दोनों देशों का लक्ष्य है कि AI का उपयोग समाज के हर वर्ग तक पहुँच सके और वैश्विक स्तर पर आर्थिक और सामाजिक विकास में योगदान दे।

Leave a comment