केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एनएसजी के मानेसर प्रशिक्षण केंद्र से नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का वर्चुअल शुभारंभ किया।
नई दिल्ली: भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के मानेसर स्थित प्रशिक्षण केंद्र से नेशनल IED डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का वर्चुअल शुभारंभ किया। यह अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म देशभर में होने वाले IED विस्फोटों और आतंकवादी घटनाओं से जुड़े डेटा का वैज्ञानिक, सटीक और तेज विश्लेषण करने में सक्षम होगा।
गृह मंत्री ने इस पहल को देश की सुरक्षा के लिए एक “डेटा कवच” बताते हुए कहा कि यह प्रणाली ‘वन नेशन, वन डेटा टेरिटरी’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
क्या है NIDMS और क्यों है यह अहम?
नेशनल IED डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए IED विस्फोटों, बम घटनाओं, आतंकी हमलों और उनसे जुड़े फॉरेंसिक साक्ष्यों का डेटा एक ही जगह संकलित किया जाएगा। इस सिस्टम के माध्यम से:
- विस्फोटों के पैटर्न की पहचान
- इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों और तकनीकों का विश्लेषण
- आतंकवादी नेटवर्क और उनकी कार्यशैली को समझना
- भविष्य में होने वाले हमलों को रोकने के लिए पूर्व चेतावनी संकेत तैयार करना
जैसे अहम काम संभव हो सकेंगे। इससे जांच एजेंसियों को डेटा आधारित निर्णय लेने में बड़ी मदद मिलेगी।

सही सूचना, सही समय पर – अमित शाह
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि अब तक आतंकवादी घटनाओं से जुड़ा डेटा अलग-अलग एजेंसियों और राज्यों में बिखरा हुआ रहता था, जिससे जांच में समय लगता था। उन्होंने कहा,
'NIDMS के जरिए अब यह सारा डेटा एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। इससे सही सूचना सही समय पर एजेंसियों तक पहुंचेगी और किसी भी घटना पर त्वरित, सटीक और प्रभावी प्रतिक्रिया संभव होगी।'
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सिस्टम अंतर-एजेंसी समन्वय को भी मजबूत करेगा, जिससे केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा।
NSG की भूमिका की सराहना
गृह मंत्री ने NSG को देश की “जीरो टेरर फोर्स” बताते हुए कहा कि यह बल हर चुनौती पर खरा उतरता आया है। उन्होंने कहा कि बम निरोधक दस्तों (Bomb Disposal Squads) और आतंकवाद-रोधी अभियानों में NSG ने वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। अमित शाह के अनुसार, NSG की 24×7 तत्परता, उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरणों के कारण भारत किसी भी आतंकी खतरे से निपटने में सक्षम है।
- गृह मंत्री ने जानकारी दी कि देशभर में NSG के नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया गया है।
- मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े महानगरों में नए NSG हब स्थापित किए गए हैं।
- अयोध्या में भी NSG का नया केंद्र शुरू किया जा रहा है।
इन केंद्रों के चलते अब NSG की टीमें देश के किसी भी हिस्से में 1 से 1.5 घंटे के भीतर पहुंच सकती हैं। इससे प्रतिक्रिया समय में उल्लेखनीय कमी आई है और सुरक्षा तंत्र पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है।













