भरतपुर के हलैना क्षेत्र में आगरा-जयपुर हाईवे पर एक स्लीपर बस हाई मस्ट लाइट से टकराकर पलट गई। हादसे में 13 यात्री घायल हुए। प्रारंभिक जांच में ड्राइवर को झपकी आने की बात सामने आई है। पांच घायलों को भरतपुर रेफर किया गया।
भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर जिले में बुधवार देर रात एक गंभीर सड़क दुर्घटना में 13 यात्री घायल हो गए, जब एक स्लीपर बस राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हाई मस्ट लाइट से टकराकर पलट गई। दुर्घटना के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई और कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत और बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार हादसे का कारण बस चालक को यात्रा के दौरान नींद की झपकी आना माना जा रहा है। दुर्घटना के बाद आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर यातायात भी प्रभावित हुआ और करीब आधे घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
देर रात दो बजे हुआ हादसा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना भरतपुर जिले के हलैना थाना क्षेत्र में बुधवार रात लगभग दो बजे हुई। बस मध्य प्रदेश से राजस्थान की राजधानी जयपुर की ओर जा रही थी। जब वाहन हलैना थाना क्षेत्र के पास पहुंचा, तब वह सड़क किनारे स्थापित हाई मस्ट लाइट से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस संतुलन खो बैठी और सड़क पर पलट गई।
हादसे में हाई मस्ट लाइट भी क्षतिग्रस्त हो गई और उसका हिस्सा सड़क पर गिर गया। स्थानीय लोगों ने तेज आवाज सुनकर तुरंत पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में पुलिस, हाईवे सेफ्टी टीम और एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंच गईं।
थाने से मात्र 150 मीटर दूर हुई दुर्घटना
अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना स्थल हलैना पुलिस थाने से केवल लगभग 150 मीटर की दूरी पर स्थित था। इस कारण पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंचने में सफल रही और राहत कार्य तेजी से शुरू किया गया।
बचाव दलों ने बस के अंदर फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई थीं, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल पाए गए। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्वरित प्रतिक्रिया के कारण स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली और किसी बड़े नुकसान को रोका जा सका।
13 यात्री घायल, पांच की हालत गंभीर
दुर्घटना में कुल 13 यात्री घायल हुए हैं। सभी घायलों को पहले हलैना के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। घायलों में से पांच यात्रियों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए भरतपुर रेफर कर दिया गया।
शेष यात्रियों का उपचार स्थानीय अस्पताल में जारी रहा। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार अधिकांश घायलों को सिर, हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। गंभीर रूप से घायल यात्रियों की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
![]()
चालक को झपकी आने की आशंका
प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का संभावित कारण चालक की थकान और नींद बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार बस चालक को यात्रा के दौरान झपकी आ गई, जिसके कारण वाहन सड़क से भटक गया और सीधे हाई मस्ट लाइट से जा टकराया। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की यात्राओं में चालक की थकान गंभीर दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनती है।
लगातार कई घंटों तक वाहन चलाने से प्रतिक्रिया क्षमता कम हो जाती है और चालक कुछ सेकंड के लिए भी नियंत्रण खो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि चालक भी इस दुर्घटना में घायल हुआ है और उसका उपचार किया जा रहा है। घटना की विस्तृत जांच के बाद ही दुर्घटना के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगा जाम
दुर्घटना के बाद पलटी हुई बस और क्षतिग्रस्त हाई मस्ट लाइट के कारण आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर यातायात बाधित हो गया। सड़क पर दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
हाईवे सेफ्टी टीम ने तत्काल क्रेन मंगाकर दुर्घटनाग्रस्त बस को सीधा किया और सड़क से हटाया। क्षतिग्रस्त ढांचे को भी हटाया गया ताकि यातायात को दोबारा शुरू किया जा सके। करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद सड़क पूरी तरह साफ कर दी गई और वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।
50 यात्रियों से भरी थी बस
पुलिस के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त स्लीपर बस में लगभग 50 यात्री सवार थे। हादसे के समय अधिकांश यात्री सो रहे थे, जिससे अचानक हुई टक्कर के बाद घबराहट फैल गई।
जो यात्री सुरक्षित थे और जिन्हें कोई चोट नहीं आई थी, उनके लिए वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था की गई। प्रशासन ने दूसरी बसों की सहायता से उन्हें उनके गंतव्य की ओर रवाना किया। अधिकारियों का कहना है कि सभी यात्रियों का विवरण दर्ज कर लिया गया है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें आगे की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
यह दुर्घटना एक बार फिर भारत में लंबी दूरी की बस सेवाओं और सड़क सुरक्षा मानकों को लेकर बहस का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि चालक थकान से जुड़ी दुर्घटनाएं लगातार बढ़ती चिंता का कारण हैं। परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार बस कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चालक निर्धारित समय के बाद पर्याप्त विश्राम लें।
इसके अलावा आधुनिक सुरक्षा तकनीकों जैसे ड्राइवर अलर्ट सिस्टम, थकान पहचान सेंसर और रीयल-टाइम निगरानी तंत्र का उपयोग भी ऐसी घटनाओं को कम कर सकता है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि रात के समय लंबी दूरी की बसों के संचालन में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि अधिकांश गंभीर दुर्घटनाएं देर रात और तड़के सुबह के घंटों में होती हैं।
जांच शुरू, बस को जब्त किया गया
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी बस की तकनीकी स्थिति, चालक के कार्य घंटे और दुर्घटना के समय की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि वाहन की गति निर्धारित सीमा के भीतर थी या नहीं तथा चालक ने यात्रा से पहले पर्याप्त विश्राम किया था या नहीं।











