LIVE: राममंदिर में काशी की तर्ज पर CEO नियुक्त करने की मांग, अजय राय बोले-चढ़ावा चोरी में बड़े लोग शामिल

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT चौथे दिन जांच के लिए पहुंची। कांग्रेस नेता अजय राय ने काशी की तर्ज पर CEO नियुक्त करने की मांग की।
LIVE: राममंदिर में काशी की तर्ज पर CEO नियुक्त करने की मांग, अजय राय बोले-चढ़ावा चोरी में बड़े लोग शामिल
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अयोध्या। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार चौथे दिन भी जारी रही। जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) मंदिर परिसर पहुंची और कर्मचारियों व संबंधित लोगों से पूछताछ की। इसी बीच अजय राय ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मंदिर प्रबंधन में काशी की तर्ज पर एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की जानी चाहिए।

अजय राय ने आरोप लगाया कि चढ़ावे से जुड़े इस मामले में केवल छोटे कर्मचारी ही नहीं, बल्कि "बड़े लोगों" की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाती है, तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया।

कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस तरह काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रबंधन के लिए प्रशासनिक व्यवस्था बनाई गई है, उसी तरह राममंदिर में भी एक CEO की नियुक्ति पर विचार किया जा सकता है। उनके मुताबिक, इससे प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी और वित्तीय व्यवस्थाओं की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी।

उधर, SIT की टीम ने चौथे दिन भी मंदिर परिसर में जांच जारी रखी। सूत्रों के अनुसार, जांच दल यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि चढ़ावे के संग्रह, गिनती और सुरक्षा की प्रक्रिया किस प्रकार संचालित की जाती थी। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कर्मचारियों की एंट्री और एग्जिट के समय क्या सुरक्षा जांच होती थी और निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।

मामले के सामने आने के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दे रहे हैं, जबकि विपक्षी दल पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

मंदिर प्रशासन की ओर से अब तक यह कहा गया है कि जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या रोजाना की तरह मंदिर पहुंच रही है और दर्शन-पूजन की व्यवस्था सामान्य रूप से जारी है।

फिलहाल पूरे मामले पर सबकी नजर SIT की जांच पर टिकी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित चोरी की घटना में किन लोगों की भूमिका थी और भविष्य में मंदिर प्रबंधन व्यवस्था में किसी बदलाव की जरूरत है या नहीं।

नोट: इस खबर में अजय राय के आरोप उनके सार्वजनिक बयान पर आधारित हैं। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

 

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