बिहार बंद के आह्वान के बीच शुक्रवार सुबह से ही पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर कड़ी कर दी गई है। राजधानी पटना, दरभंगा, जहानाबाद, सीवान, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, समस्तीपुर और अन्य जिलों में पुलिस एवं प्रशासन हाई अलर्ट पर है। बंद के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, हिंसा, तोड़फोड़ या यातायात बाधित होने की आशंका को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और वरिष्ठ अधिकारी खुद फील्ड में मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।
पटना में प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कई छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लिया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित टकराव को रोकने के उद्देश्य से की गई है। प्रदर्शन स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, महिला पुलिस बल, दंगा नियंत्रण वाहन और रैपिड रिस्पांस टीम तैनात की गई है। विधानसभा, सचिवालय, आयकर गोलंबर, डाकबंगला चौराहा और अन्य प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। कई मार्गों पर यातायात को डायवर्ट किया गया है ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति कानून हाथ में लेने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सड़क जाम करने या हिंसा फैलाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रही है।
सीवान में बिहार बंद के दौरान विरोध प्रदर्शन का एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। यहां एक छात्र कॉकरोच की वेशभूषा पहनकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्र के इस अनोखे विरोध ने वहां मौजूद लोगों और मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। उसके साथ मौजूद अन्य छात्र भी अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते रहे। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी और प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त बल तैनात रखा।









