बिहार विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसके बाद पार्टी का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है।
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यानी एलजेपी (आर) के हौसले बुलंद हैं। पार्टी ने बिहार में 19 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया है। इस सफलता के बाद अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की नजर देश के अन्य अहम राज्यों, खासकर पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों पर टिक गई है।
चिराग पासवान ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि एलजेपी (रामविलास) अब राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उनका फोकस सिर्फ चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को मजबूती देने और राज्यों में स्थिर सरकार गठन में योगदान देना है।
संगठन विस्तार पर खास जोर
चिराग पासवान के अनुसार, पश्चिम बंगाल और असम के लिए पार्टी फिलहाल संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में प्रभावी राजनीतिक उपस्थिति के लिए मजबूत संगठन सबसे जरूरी होता है। इसी सोच के तहत एलजेपी (रामविलास) जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने, नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दे रही है।
पश्चिम बंगाल को लेकर चिराग पासवान ने यह भी जानकारी दी कि पार्टी ने वहां नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी है। इसे राज्य में संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक सीट बंटवारे या गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

मीडिया से बातचीत में क्या बोले चिराग
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें पता है कि राजनीतिक चर्चाओं में सबसे ज्यादा रुचि इस बात में होती है कि पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और गठबंधन का स्वरूप क्या होगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल इन सवालों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। सही समय आने पर गठबंधन और सीटों को लेकर बातचीत शुरू होगी और उसी के बाद अंतिम फैसला किया जाएगा।
चिराग पासवान ने दोहराया कि एलजेपी (रामविलास) का मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल में NDA सरकार के गठन में सहयोग करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी का हर कदम इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर उठाया जाएगा। असम को लेकर भी उन्होंने भरोसा जताया कि वहां पार्टी एक बार फिर मजबूती से वापसी करेगी और NDA के प्रदर्शन को और सशक्त बनाएगी।
उनके अनुसार, अगले एक से डेढ़ महीने में पार्टी अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे सकती है। इसमें यह तय किया जाएगा कि पार्टी किन क्षेत्रों में अधिक सक्रिय रहेगी, किस तरह का संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जाएगा और NDA के भीतर समन्वय कैसे बेहतर किया जाए।











