बिहार बनेगा AI हब: Google और Microsoft के सहयोग से डिजिटल बदलाव को मिलेगी नई रफ्तार

बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। Google और Microsoft जैसी वैश्विक कंपनियों के सहयोग से राज्य में डिजिटल

बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने AI इकोसिस्टम विकसित करने के लिए कई प्रमुख तकनीकी कंपनियों के साथ साझेदारी की तैयारी शुरू कर दी है।

पटना: बिहार सरकार ने राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें बिहार में एआई आधारित पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की योजना प्रमुख रही।

सरकार का लक्ष्य राज्य में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना, डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान लागू करना है। इस पहल के तहत वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ साझेदारी की जाएगी, जिससे बिहार में तकनीकी विकास और नवाचार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

एआई इकोसिस्टम विकसित करने के लिए तकनीकी साझेदारी

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने एआई क्षेत्र में सहयोग के लिए कई प्रमुख तकनीकी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने का निर्णय लिया है। इन साझेदारियों का उद्देश्य राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को बढ़ाना, डिजिटल सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना और नागरिकों तक आधुनिक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित करना है।

सरकार का मानना है कि एआई आधारित समाधान कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, पर्यटन, वित्तीय सेवाओं और सार्वजनिक सेवा वितरण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

युवाओं और छात्रों को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण

बिहार बनेगा AI हब: Google और Microsoft के सहयोग से डिजिटल बदलाव को मिलेगी नई रफ्तार

नई नीति के तहत सरकारी अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और मेडिकल संस्थानों में एआई से जुड़े पाठ्यक्रम विकसित करने की योजना बनाई गई है, ताकि युवा पीढ़ी भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप कौशल हासिल कर सके।

इसके अलावा प्रशिक्षकों को भी आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा। शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को भारतीय भाषाओं तथा स्थानीय बोलियों में एआई अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

स्टार्टअप और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि एआई आधारित पहल राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। तकनीकी कंपनियों के सहयोग से निवेश आकर्षित करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि एआई आधारित परियोजनाएं सफलतापूर्वक लागू होती हैं, तो बिहार उभरते हुए तकनीकी केंद्रों में अपनी पहचान बना सकता है। इससे राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

ग्रामीण रोजगार योजना को भी मिली मंजूरी

मंत्रिमंडल ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से नई रोजगार गारंटी परिषद के गठन को भी स्वीकृति प्रदान की है। नई व्यवस्था के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक मजदूरी आधारित रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का कहना है कि इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आजीविका के अवसरों में वृद्धि होगी। परिषद योजना के क्रियान्वयन, निगरानी और शिकायत निवारण से जुड़े मामलों में सरकार को सलाह देगी।

जनजातीय शिक्षा के लिए बड़े निवेश की घोषणा

कैबिनेट ने अनुसूचित जनजाति और अत्यंत कमजोर जनजातीय समुदायों के विद्यार्थियों के लिए आवासीय छात्रावासों के निर्माण को भी मंजूरी दी है। विभिन्न योजनाओं के तहत कई जिलों में नए छात्रावास स्थापित किए जाएंगे, जहां विद्यार्थियों को आवास, भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस कदम का उद्देश्य दूरदराज और वंचित क्षेत्रों के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करना तथा शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक असमानताओं को कम करना है।

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