बिहार: पप्पू यादव को पटना पुलिस ने किया गिरफ्तार, सांसद ने कहा- 'मेरी हत्या हो सकती है'

बिहार में सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया। पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा है और उनकी हत्या हो सकती है। जानिए गिरफ्तारी की वजह और

पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को बिहार पुलिस जेल भेजने की तैयारी में है, हालांकि फिलहाल उनका इलाज पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है, क्योंकि गिरफ्तारी के दौरान लगी चोट के कारण उन्हें भर्ती कराना पड़ा था।

पटना: लोकसभा चुनाव 2024 में बिहार से निर्वाचित एकमात्र निर्दलीय सांसद पप्पू यादव आज फिर सुर्खियों में हैं। पटना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है और जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। गिरफ्तारी के समय लगी चोट के कारण सांसद को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, पप्पू यादव के सिर में चोट है और धड़कन बढ़ने के कारण उन्हें गंभीर तकलीफ हो रही है।

गिरफ्तारी के बाद सांसद पप्पू यादव ने नीतीश कुमार सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, मुझे आधी रात को जबरन गिरफ्तार किया गया। सिविल ड्रेस में इंस्पेक्टर आया और यह तक नहीं बताया कि मुझे किस मामले में गिरफ्तार किया गया। मेरी हत्या की साजिश हो सकती है। 

मुझे नहीं पता यह लोग मेरे साथ क्या करेंगे। पटना पुलिस ने बताया कि पप्पू यादव को अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है। अदालत के आदेश के बाद उन्हें जेल भेजा जाएगा।

समर्थकों में आक्रोश

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों में आक्रोश देखा गया। पटना, पूर्णिया और आरा सहित कई इलाकों में उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए। आरा में समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दिया। समर्थकों का आरोप है कि पप्पू यादव नीट छात्रा केस में सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे थे। उनका मानना है कि एनडीए सरकार उनकी आवाज को दबाने के लिए कार्रवाई कर रही है।

पटना के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि पप्पू यादव के खिलाफ 1995 का एक मामला लंबित था। इसे पूर्ववर्ती आईपीसी के तहत धारा 419, 420, 448, 468, 506 और 120B के तहत दर्ज किया गया था। इस मामले में गर्दनीबाग थाना का केस चल रहा था। अदालत द्वारा सांसद को ट्रायल के लिए उपस्थित होना था, लेकिन पप्पू यादव निर्धारित तारीख पर उपस्थित नहीं हुए। 

इस वजह से अदालत ने गिरफ्तारी का आदेश जारी किया। एसपी ने स्पष्ट किया कि पप्पू यादव के आरोप बेबुनियाद हैं और पुलिस कानून के अनुसार ही कार्रवाई कर रही है।

पप्पू यादव पर धोखाधड़ी का पुराना आरोप

जानकारी के अनुसार, लगभग 21 साल पहले पप्पू यादव और उनके सहयोगियों के खिलाफ विनोद बिहारी लाल नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि यादव ने धोखे से मकान पर कब्जा किया। शुरुआत में वह मकान में किराएदार के रूप में प्रवेश किए थे, लेकिन बाद में पूरे मकान पर कब्जा कर लिया।

इस मामले में लंबी अदालत की प्रक्रिया चली और पप्पू यादव कई बार अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया।

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