बंगाल चुनाव से पहले EC का बड़ा एक्शन, 13 IAS अधिकारियों की तबादला सूची जारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले EC ने 13 IAS अधिकारियों को नए जिलों में DM और DEO के रूप में तैनात किया, निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने 13 IAS अधिकारियों का तबादला किया। इन्हें नए जिलों में DM और DEO के रूप में तैनात किया गया है। अधिकारियों को 19 मार्च तक नई पोस्टिंग पर जॉइन करना अनिवार्य है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने बड़े बदलाव किए हैं। आयोग ने 13 आईएएस अधिकारियों को नए जिलों में जिलाधिकारी (DM) और जिला चुनाव अधिकारी (DEO) के रूप में नियुक्त किया है। यह कदम चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इन बदलावों को तुरंत लागू किया जाए और सभी अधिकारियों को 19 मार्च दोपहर 3 बजे तक अपनी नई पोस्टिंग पर जॉइन करना अनिवार्य होगा। जिन अधिकारियों को हटाया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव संबंधी काम पर नहीं लगाया जाएगा।

नए जिलों में DM और DEO की जिम्मेदारी

नियुक्त अधिकारियों में जितिन यादव को कूचबिहार, संदीप घोष को जलपाईगुड़ी, विवेक कुमार को उत्तर दिनाजपुर, राजनवीर सिंह कपूर को मालदा, आर. अर्जुन को मुर्शिदाबाद, श्रीकांत पल्ली को नदिया, श्वेता अग्रवाल को पूर्व वर्दवान, शिल्पा गौरीसरिया को उत्तर 24 परगना, अभिषेक कुमार को दक्षिण 24 परगना, हरिशंकर पनिकर को दार्जिलिंग और टी. बालासुब्रमण्यम को अलीपुरदुआर में DM Cum DEO बनाया गया है। इन अधिकारियों को अब अपने-अपने जिलों में चुनाव की तैयारियों को करीब से मॉनिटर करना होगा और मतदान को निष्पक्ष बनाने के लिए कई स्तरों पर काम करना होगा।

कोलकाता नगर निगम में भी बड़े बदलाव

कोलकाता में भी चुनाव से पहले बड़े बदलाव किए गए हैं। कोलकाता नगर निगम की कमिश्नर और कोलकाता नॉर्थ के DEO के तौर पर स्मिता पांडे की नियुक्ति हुई है। वहीं, कोलकाता साउथ के DEO के रूप में रंधीर कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों का मकसद न केवल मतदान प्रक्रिया की निगरानी करना है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में ऑब्जर्वर की भूमिका निभाकर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना भी है।

चुनाव आयोग का उद्देश्य

चुनाव आयोग ने इस बदलाव के माध्यम से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि सभी जिलों में चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से हो। आयोग ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी प्रकार के दबाव या पक्षपात से मुक्त होकर अपने कार्यों का पालन करें। इसके तहत सभी DM और DEO को अपने-अपने जिलों में मतदान केंद्रों, कर्मचारियों और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करनी होगी।

चुनावी तैयारियों में तेजी

इन नियुक्तियों के बाद सभी जिलों में चुनावी तैयारियों को तेजी से पूरा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों को मतदाताओं की सूची, मतदान केंद्रों की तैयारी, कर्मचारी तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा। कोलकाता जैसे बड़े शहरों में विशेष सुरक्षा प्रबंध और लॉजिस्टिक तैयारियों के लिए अब DM और DEO सीधे जिम्मेदार होंगे। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन अधिकारियों की तैनाती का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकना और हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

निष्पक्ष चुनाव की जरूरत

पश्चिम बंगाल में चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी बड़े जिलों और नगर निगमों में योग्य और अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति हो। इससे मतदाताओं का भरोसा बढ़ेगा और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं और सभी पक्षों के लिए समान रूप से निष्पक्ष वातावरण तैयार करें।

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