बोधगया में एक ही रात 5 घरों में चोरी, खिड़की-दरवाजा तोड़कर घुसे चोर; लाखों की संपत्ति ले गए, CCTV खंगाल रही पुलिस
एक ही रात में लगातार पांच घरों में सेंधमारी की घटना के बाद ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, चोरों ने इलरा गांव में दुखन सिंह, संगीत सिंह, सुदीप साव, जुगेश पाल और रवि गुप्ता के घरों को निशाना बनाया। वारदात का तरीका देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि चोरों ने रात के अंधेरे और सन्नाटे का फायदा उठाया। कुछ घरों में प्रवेश के लिए दरवाजा तोड़ा गया, जबकि कुछ जगहों पर खिड़की के रास्ते घर के अंदर पहुंचने की बात सामने आई है। घरों में घुसने के बाद चोरों ने कमरों और सामान को खंगाला और जो भी कीमती सामान हाथ लगा, उसे लेकर फरार हो गए।
ग्रामीणों के अनुसार, चोरी की सबसे अधिक घटना दुखन सिंह के घर में हुई है। बताया जा रहा है कि चोरों ने घर के अंदर रखे सामान को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कपड़े और दूसरी घरेलू चीजें इधर-उधर फेंकी मिलीं। इसके अलावा घर में रखी नकदी और सोने के आभूषण भी चोरी होने की बात सामने आई है। अन्य पीड़ित परिवारों ने भी अपने-अपने घर से नकदी, जेवरात और जरूरी दस्तावेज गायब होने की जानकारी दी है। हालांकि, चोरी गए सामान की अंतिम कीमत और पूरी सूची पीड़ित परिवारों की ओर से दिए जाने वाले लिखित आवेदन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद चेरकी थानाध्यक्ष ट्विंकल सिंह पुलिस बल के साथ इलरा गांव पहुंचीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित घरों का जायजा लिया और घटना से जुड़े संभावित सुरागों को जुटाने की कोशिश की। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि चोरों के आने-जाने के रास्ते या वारदात के बाद भागने के दौरान उनकी कोई गतिविधि कैमरे में कैद हुई हो सकती है। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने और उनकी गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने सभी पीड़ित परिवारों से चोरी के संबंध में लिखित आवेदन देने को कहा है। आवेदन मिलने के बाद चोरी गए सामान का पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस अज्ञात चोरों की पहचान के लिए CCTV फुटेज, घटनास्थल की स्थिति और अन्य संभावित सुरागों की जांच कर रही है।
एक ही रात में पांच घरों को निशाना बनाए जाने से ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। लोगों का कहना है कि चोरों ने जिस तरीके से अलग-अलग घरों में प्रवेश किया, उससे लगता है कि उन्होंने इलाके की स्थिति पर पहले से नजर रखी हो सकती है। हालांकि, चोरों ने पहले रेकी की थी या नहीं, इस संबंध में पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। अभी तक किसी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर चिन्हित किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
इस घटना के बाद गांव के लोगों के बीच रात के समय घरों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। ग्रामीण अब आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने और संदिग्ध लोगों की जानकारी पुलिस को देने की बात कह रहे हैं। खासकर ऐसे समय में जब कई परिवार रात में अपने घरों के अंदर सो रहे होते हैं, एक साथ कई घरों में चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है।
बोधगया और आसपास के ग्रामीण इलाकों में चोरी की घटनाओं की जांच में CCTV फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हो सकती है। इससे पहले गया जिले के मानपुर इलाके में भी एक चोरी के मामले में पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से दो नाबालिगों को पकड़ा था और उनके निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद किया गया था। इससे साफ है कि स्थानीय स्तर पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग किसी वारदात के बाद संदिग्धों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
फिलहाल इलरा गांव की घटना में पुलिस का मुख्य फोकस पांचों घरों से चोरी गए सामान की पूरी जानकारी जुटाने, घटनास्थल से संभावित सुराग लेने और आसपास के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच पर है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सभी घटनाओं के बीच कोई समान पैटर्न था या नहीं और चोर किस दिशा से आए तथा किस रास्ते से फरार हुए। जांच आगे बढ़ने के साथ ही चोरी की वास्तविक रकम, आरोपियों की संख्या और वारदात के पीछे की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
गांव में एक साथ पांच घरों में चोरी होने के कारण फिलहाल लोग पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की पहचान का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और पीड़ित परिवारों से लिखित शिकायत मिलने के बाद चोरी की संपत्ति का विस्तृत आकलन किया जाएगा। अज्ञात चोरों तक पहुंचने के लिए CCTV फुटेज और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों को जांच का आधार बनाया जा रहा है।












