ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा कड़ी सुरक्षा के बीच गुरुग्राम से रवाना, ड्रोन निगरानी और ट्रैफिक डायवर्ट

सावन की पहली सोमवारी पर गुरुग्राम से ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा शुरू हुई। ड्रोन निगरानी, ट्रैफिक डायवर्जन और कड़ी सुरक्षा के बीच श्रद्धालु नल्हड़ महादेव पहुंचे।

सावन की पहली सोमवारी पर गुरुग्राम से ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। श्रद्धालु हरिद्वार से लाए गंगाजल के साथ नूंह स्थित नल्हड़ महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।

गुरुग्राम: सावन की पहली सोमवारी पर ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा सोमवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुरुग्राम से शुरू हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु शामिल हुए। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए ड्रोन निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की है।

गुरुग्राम से शुरू हुई ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा

ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा कड़ी सुरक्षा के बीच गुरुग्राम से रवाना, ड्रोन निगरानी और ट्रैफिक डायवर्ट

सावन माह की पहली सोमवारी के अवसर पर ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा सोमवार सुबह गुरुग्राम के राजीव नगर स्थित गुफा वाले शिव मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुई। यात्रा की शुरुआत साधु-संतों ने वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और "हर-हर महादेव" के जयकारों के साथ की। हरिद्वार से लाया गया पवित्र गंगाजल विशेष कलश में रखकर यात्रा के साथ ले जाया गया, जिससे नूंह जिले के प्रसिद्ध नल्हड़ महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।

शांति और सौहार्द का संदेश देती है यात्रा

आयोजकों के अनुसार ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा ब्रज क्षेत्र की वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। हर वर्ष सावन के महीने में निकाली जाने वाली इस यात्रा का उद्देश्य केवल भगवान शिव की आराधना करना ही नहीं, बल्कि समाज में शांति, भाईचारा और सौहार्द का संदेश देना भी है। श्रद्धालु गंगाजल लेकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना करते हैं। इस बार भी यात्रा में साधु-संतों के साथ बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालु शामिल हुए।

सुरक्षा के लिए ड्रोन निगरानी और ट्रैफिक डायवर्जन

यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है तथा ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया है। इसके अलावा यात्रा की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

नल्हड़ महादेव के बाद इन मंदिरों में पहुंचेगी यात्रा

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यात्रा सबसे पहले नूंह जिले के नल्हड़ महादेव मंदिर पहुंचेगी, जहां हरिद्वार से लाए गए गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु झिरकेश्वर महादेव मंदिर और शृंगार मंदिर के लिए रवाना होंगे। प्रशासन का कहना है कि यात्रा के सभी पड़ावों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान निर्धारित मार्ग और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की गई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक कर सकें तथा यात्रा बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक पूरी हो।

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