पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। सोमवार को अयोध्या पहुंचे बृजभूषण ने नई शिक्षा नीति के प्रभाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहरों की स्थिति के बारे में वह कुछ नहीं कह सकते लेकिन ग्रामीण इलाकों में शिक्षा पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि स्कूल खुले हैं और शिक्षक भी मौजूद हैं लेकिन पढ़ने वाले बच्चे गायब हैं।
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बृजभूषण शरण सिंह ने यह बयान अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत के दौरान दिया। इस दौरान उन्होंने छात्र संसद के आयोजन और नई शिक्षा नीति को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि कुछ छात्र पहले वाराणसी में छात्र संसद आयोजित करना चाहते थे लेकिन वहां जगह की समस्या होने के कारण कार्यक्रम को अयोध्या में आयोजित करने का फैसला किया गया।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने उनसे मुलाकात कर कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग मांगा था। जब उन्हें पता चला कि वाराणसी में जगह की दिक्कत आ रही है तो उन्होंने छात्रों को अयोध्या में कार्यक्रम करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी छात्र संसद में शामिल होने और कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा।
बृजभूषण ने बताया कि छात्र संसद का मुख्य विषय नई शिक्षा नीति रखा गया है। इसी विषय पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई। उनके अनुसार नई शिक्षा नीति का ग्रामीण अंचलों में अच्छा प्रभाव नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षक मौजूद हैं और विद्यालय भी खुले हुए हैं लेकिन विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर स्थिति चिंताजनक है। हालांकि उन्होंने शहरी क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की।
उनके इस बयान के बाद नई शिक्षा नीति के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और ग्रामीण स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। नई शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और ग्रामीण तथा वंचित क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है। ऐसे में बृजभूषण की टिप्पणी ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की वास्तविक स्थिति और सरकारी योजनाओं के प्रभाव को लेकर सवाल खड़े करती है।
अयोध्या पहुंचने के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर आंदोलन से जुड़े 2 नवंबर 1990 के गोलीकांड पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उस घटना में वे लोग भी पीड़ित हुए थे और इसे हमेशा याद किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो चुका है।
इस दौरान उनसे भाजपा की राज्य कार्यकारिणी समिति में मिली नई जिम्मेदारी और वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी सवाल पूछे गए। आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में उन्होंने कहा कि 2027 का चुनाव बहुत अच्छा होगा। वहीं दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली पर उन्होंने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रैलियां खत्म हो चुकी हैं।
बृजभूषण शरण सिंह के इस दौरे में शिक्षा नीति से लेकर राम मंदिर आंदोलन और आगामी विधानसभा चुनाव तक कई मुद्दे चर्चा में रहे लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था पर उनकी टिप्पणी सबसे ज्यादा चर्चा में आ गई है। अब देखना होगा कि छात्र संसद में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और गांवों के स्कूलों में विद्यार्थियों की घटती उपस्थिति से जुड़े सवालों पर किस तरह की चर्चा होती है।











