BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 का ड्रॉ जारी: आयुष का शी यूकी से मुकाबला, सिंधु और लक्ष्य के सामने भी कठिन राह

नई दिल्ली में BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 का ड्रॉ हुआ जारी। स्टार पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और सात्विक-चिराग के मुकाबलों पर टिकी निगाहें।

BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 के ड्रॉ की घोषणा हो गई है, जिसमें भारतीय खिलाड़ियों के सामने कड़ी चुनौती दिखाई दे रही है। युवा भारतीय शटलर आयुष का पहले ही दौर में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल चीन के शी यूकी से मुकाबला होगा। वहीं, भारत की स्टार शटलर पी. वी. सिंधु और पुरुष एकल खिलाड़ी लक्ष्य सेन को भी ड्रॉ में कठिन प्रतिद्वंद्वी मिले हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के लिए शुरुआती दौर से ही चुनौतीपूर्ण मुकाबले होंगे।

स्पोर्ट्स न्यूज़: बैडमिंटन प्रेमियों के लिए बहुप्रतीक्षित BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 का ड्रॉ आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। विश्व बैडमिंटन महासंघ (BWF) ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान टूर्नामेंट के मुकाबलों की घोषणा की। 17 से 23 अगस्त तक आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी खिताब के लिए आमने-सामने होंगे।

भारतीय खिलाड़ियों के लिए ड्रॉ कई मायनों में चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। पुरुष एकल में युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी को पहले ही दौर में दुनिया के नंबर-1 और शीर्ष वरीय चीन के शी यूकी का सामना करना होगा। वहीं, दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु और स्टार शटलर लक्ष्य सेन के सामने भी शुरुआती दौर के बाद कठिन मुकाबलों की संभावना है।

पुरुष एकल में आयुष शेट्टी की सबसे बड़ी परीक्षा

भारतीय युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी को इस ड्रॉ का सबसे कठिन मुकाबला मिला है। उनका पहला मैच मौजूदा विश्व चैंपियन और शीर्ष वरीय चीन के शी यूकी के खिलाफ होगा। यह मुकाबला केवल पहले दौर का मैच नहीं, बल्कि टूर्नामेंट के सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। दोनों खिलाड़ी इस सीजन में पहले भी आमने-सामने आ चुके हैं और अब तक शी यूकी का पलड़ा भारी रहा है। हालांकि, आयुष अपनी तेज गति, आक्रामक स्मैश और युवा ऊर्जा के दम पर उलटफेर करने की क्षमता रखते हैं। यदि वह शुरुआती चुनौती पार कर लेते हैं, तो उनके लिए आगे का ड्रॉ अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।

लक्ष्य सेन के सामने भी कठिन सफर

भारत के 14वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी लक्ष्य सेन अपने अभियान की शुरुआत ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स फिलिमोन के खिलाफ करेंगे। कागज पर यह मुकाबला लक्ष्य के पक्ष में दिखाई देता है, लेकिन इसके बाद उनका रास्ता काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

यदि लक्ष्य तीसरे दौर तक पहुंचते हैं, तो उनका सामना दूसरी वरीयता प्राप्त थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसर्न से होने की संभावना है। वहीं क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के एलेक्स लानियर या क्रिस्टो पोपोव जैसे मजबूत खिलाड़ियों से मुकाबला हो सकता है। लक्ष्य सेन हाल के वर्षों में लगातार बड़े मंचों पर अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं और भारतीय टीम को उनसे पदक की उम्मीद है।

पीवी सिंधु की नजर शानदार शुरुआत पर

महिला एकल में भारत की सबसे अनुभवी खिलाड़ी पीवी सिंधु पहले दौर में आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ उतरेंगी। शुरुआती मुकाबले में सिंधु को मजबूत दावेदार माना जा रहा है, लेकिन आगे का रास्ता उनके लिए बेहद कठिन दिखाई देता है। यदि सिंधु राउंड ऑफ-16 तक पहुंचती हैं, तो उनका मुकाबला चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त वांग झी यी से हो सकता है। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वर्दानी जैसी चुनौती उनका इंतजार कर सकती है।

सिंधु का ड्रॉ ओलंपिक चैंपियन एन से यंग वाले हाफ में आया है, जिससे प्रतियोगिता और अधिक कठिन हो गई है। इसके बावजूद बड़े टूर्नामेंटों में अनुभव और दबाव झेलने की क्षमता उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है।

उन्नति हुड्डा के लिए यादगार मौका

भारतीय युवा खिलाड़ी उन्नति हुड्डा पहली बार विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी। अपने डेब्यू मुकाबले में उनका सामना म्यांमार की थेट हतार थुजार से होगा। यदि उन्नति शुरुआती दौर सफलतापूर्वक पार कर लेती हैं, तो क्वार्टर फाइनल में जापान की पूर्व विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से भिड़ने की संभावना बन सकती है। यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बड़ा अवसर माना जा रहा है।

युगल स्पर्धाओं में सात्विक-चिराग को पहले दौर में बाय

पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल—तीनों वर्गों में शीर्ष 16 वरीय जोड़ियों को पहले दौर में बाय मिला है। भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भी इनमें शामिल हैं। हालांकि भारतीय टीम प्रबंधन की सबसे बड़ी चिंता सात्विक की कंधे की चोट है। यदि वह पूरी तरह फिट रहते हैं, तो यह जोड़ी खिताब की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल मानी जा रही है।

भारतीय कोच टैन किम हर ने कहा कि यदि सात्विक और चिराग मानसिक रूप से मजबूत बने रहते हैं और फिटनेस बरकरार रहती है, तो वे किसी भी शीर्ष जोड़ी को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।

पुलेला गोपीचंद ने जताया भरोसा

भारतीय टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने ड्रॉ जारी होने के बाद संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों के लिए कुल मिलाकर ड्रॉ संतुलित है और टीम कई स्पर्धाओं में पदक जीतने की स्थिति में है।

गोपीचंद ने विशेष रूप से आयुष शेट्टी के मुकाबले का जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआती दौर में शीर्ष खिलाड़ी से भिड़ना कई बार बेहतर साबित होता है। उनके अनुसार यदि आयुष पहला मुकाबला जीतने में सफल रहते हैं, तो आगे का रास्ता उनके लिए काफी खुल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय टीम का लक्ष्य केवल अच्छा प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि कम से कम कुछ स्पर्धाओं में पोडियम तक पहुंचना है।

नई दिल्ली में विश्व बैडमिंटन का महाकुंभ

विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन पहली बार भारत की राजधानी नई दिल्ली में इस स्तर पर हो रहा है। घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का फायदा भारतीय खिलाड़ियों को मिल सकता है। स्थानीय समर्थन, परिचित परिस्थितियां और घरेलू माहौल खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

भारतीय बैडमिंटन ने पिछले कुछ वर्षों में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। ऐसे में इस बार भी देश की निगाहें पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, सात्विक-चिराग और युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी।

यदि भारतीय खिलाड़ी शुरुआती कठिन मुकाबलों में सफलता हासिल करते हैं, तो इस चैंपियनशिप में भारत के लिए एक से अधिक पदक जीतने की संभावना भी मजबूत हो सकती है।

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