सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट मई के तीसरे सप्ताह में जारी होने की संभावना है। परीक्षा नियंत्रक ने तकनीकी दिक्कतों की खबरों को खारिज किया है। रिजल्ट के बाद छात्रों को रीचेकिंग और सप्लीमेंट्री परीक्षा का विकल्प मिलेगा।
New Delhi: CBSE 12th Result को लेकर 18.5 लाख छात्रों का इंतजार अब मई के तीसरे सप्ताह तक बढ़ सकता है। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के अनुसार परिणाम तय समय पर जारी होंगे और तकनीकी समस्याओं की खबरें निराधार हैं। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी रिजल्ट मई में आने की संभावना है। परिणाम के बाद छात्रों को स्क्रूटनी और सप्लीमेंट्री परीक्षा का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा।
CBSE 12वीं रिजल्ट 2026: छात्रों को करना होगा थोड़ा और इंतजार, मई के तीसरे सप्ताह में संभावित घोषणा
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नई दिल्ली में सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल करीब 18.5 लाख छात्रों को अपने परिणाम https://www.cbse.gov.in/ के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना होगा। ताजा जानकारी के अनुसार, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का सीनियर सेकेंडरी रिजल्ट फिलहाल जारी नहीं किया जाएगा और इसे मई के तीसरे सप्ताह में घोषित किए जाने की संभावना है।
परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने पीटीआई से बातचीत में स्पष्ट किया कि रिजल्ट पहले से तय समय के अनुसार ही जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए, क्योंकि पूरी प्रक्रिया निर्धारित शेड्यूल के अनुसार सुचारू रूप से चल रही है।
तकनीकी दावों को किया खारिज, प्रक्रिया सामान्य
परीक्षा नियंत्रक ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को भी खारिज किया है जिनमें नई मूल्यांकन प्रणाली को लेकर तकनीकी समस्याओं की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसी रिपोर्टें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह सामान्य रूप से आगे बढ़ रही है।
बोर्ड का कहना है कि सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया समय पर पूरी की जाएगी, ताकि तय समय सीमा में रिजल्ट जारी किया जा सके।
पिछले वर्ष का प्रदर्शन और आगे की प्रक्रिया
पिछले वर्ष सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट 13 मई को जारी किया गया था, जिसमें कुल पास प्रतिशत 88.39% रहा था। लड़कियों का प्रदर्शन 91.64% और लड़कों का 85.70% दर्ज किया गया था, जो शिक्षा में निरंतर सुधार को दर्शाता है।
रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों को पुनर्मूल्यांकन (स्क्रूटिनी) और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का विकल्प दिया जाएगा। इसके अलावा जो छात्र परीक्षा में सफल नहीं हो पाएंगे, उनके लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिससे उन्हें एक और मौका मिल सके।








