पूर्वोत्तर से उत्तर भारत तक मौसम का कहर: कई राज्यों में बारिश, आंधी और ऑरेंज-रेड अलर्ट जारी

नॉर्थ-ईस्ट और पूर्वी भारत के 7 राज्यों में भारी बारिश का कहर, आंधी और ओले का अलर्ट जारी। मौसम विभाग ने कई राज्यों में ऑरेंज और रेड अलर्ट घोषित किया है।

नॉर्थ-ईस्ट और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी का असर देखने को मिल रहा है। मिजोरम में स्कूल बंद हैं और केदारनाथ में हेलीकॉप्टर सेवा रोक दी गई है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।

गंगटोक/आइजोल; भारत के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर-पूर्व से लेकर पूर्वी और उत्तर भारत तक तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एक साथ कई मौसमी सिस्टम सक्रिय होने के कारण देश के बड़े हिस्से में अस्थिर मौसम की स्थिति बनी हुई है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश, जनजीवन प्रभावित

पूर्वोत्तर भारत के सभी सात राज्यों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। मिजोरम में भारी वर्षा के कारण कई जिलों में स्कूलों को लगातार दूसरे दिन भी बंद रखना पड़ा। लगातार बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई इलाकों में यातायात भी बाधित हुआ है।

सिक्किम और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क मोड पर रखा गया है।

केदारनाथ यात्रा पर असर, हेलीकॉप्टर सेवाएं रोकी गईं

उत्तराखंड में खराब मौसम का असर तीर्थयात्रा पर भी देखने को मिला है। केदारनाथ धाम, सोनप्रयाग, फाटा, सर्सी और गुप्तकाशी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।

लगातार बदलते मौसम के कारण तीर्थयात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम अपडेट देखने के बाद ही यात्रा आगे बढ़ाने की अपील की है।

कई राज्यों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों को रेड अलर्ट पर रखा गया है, जहां भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।

तीन मौसमीय सिस्टम एक साथ सक्रिय, बदला देश का मौसम पैटर्न

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय भारत के ऊपर तीन प्रमुख मौसमीय सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं—

  • पहला, उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbance)
  • दूसरा, उत्तर से पूर्वी भारत तक फैली ट्रफ लाइन
  • तीसरा, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी

इन तीनों के एक साथ सक्रिय होने से देश के बड़े हिस्से में मौसम अस्थिर हो गया है। कहीं तेज बारिश और आंधी चल रही है, तो कहीं तापमान में अचानक वृद्धि के कारण लू जैसी स्थिति बन रही है।

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क्या है वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ट्रफ लाइन का असर

वेस्टर्न डिस्टरबेंस भूमध्यसागर क्षेत्र से आने वाली ठंडी और नम हवाओं का सिस्टम है, जो पाकिस्तान होते हुए उत्तर भारत तक पहुंचता है। इसका प्रभाव जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अधिक देखने को मिलता है।

वहीं ट्रफ लाइन एक निम्न दबाव क्षेत्र होती है, जहां गर्म और ठंडी हवाएं आपस में टकराती हैं। जब यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के साथ मिल जाता है, तो आंधी, बारिश और ओलावृष्टि जैसी परिस्थितियां बनती हैं।

मौसम सामान्य से अधिक सक्रिय, लेकिन असामान्य नहीं

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल और मई के महीने में प्री-मानसून गतिविधियां आम बात हैं। हालांकि इस बार एक साथ कई सिस्टम सक्रिय होने के कारण मौसम की तीव्रता अधिक देखने को मिल रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह असामान्य स्थिति नहीं है, लेकिन इसके प्रभाव अधिक व्यापक और तेज हो गए हैं।

आम जनता के लिए चेतावनी और सलाह

प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है।

किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।

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