कोटा में तेज आंधी-बारिश के बीच मकान की छत ढही, बिजली कटौती ने बचाईं तीन जिंदगियां

राजस्थान के कोटा के कैथून में तेज आंधी - बारिश के दौरान मकान की छत ढह गई। बिजली कटौती के कारण परिवार पहले बाहर निकल गया था, जिससे तीन लोगों की जान बच गई।

कोटा के कैथून इलाके में तेज आंधी और बारिश के दौरान एक मकान की छत अचानक गिर गई। बिजली कटौती के कारण परिवार पहले ही बाहर निकल चुका था, जिससे तीन लोगों की जान बच गई। हादसे में घर का सारा सामान नष्ट हो गया।

कोटा: राजस्थान के कोटा जिले में बुधवार रात आए तेज तूफान, बारिश और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। इसी दौरान कैथून क्षेत्र के टोडी मोहल्ले में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। राहत की बात यह रही कि मकान में रहने वाला परिवार कुछ ही मिनट पहले बाहर निकल चुका था, जिससे तीन लोगों की जान बच गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि परिवार घर के अंदर मौजूद रहता, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए।

तेज धमाके के साथ गिरी छत

जानकारी के अनुसार, बुधवार रात इलाके में तेज आंधी और बारिश के कारण कई मकानों पर दबाव बढ़ गया था। इसी बीच टोडी मोहल्ले में रहने वाले पंकज के मकान की छत अचानक तेज आवाज के साथ नीचे गिर गई।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि बिजली कटौती के कारण वे कुछ समय पहले ही घर से बाहर निकल आए थे। इसके कुछ ही मिनट बाद मकान की छत ढह गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छत गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबराकर बाहर निकल आए।

बिजली कटौती बनी परिवार के लिए वरदान

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना में बिजली कटौती परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं रही। आंधी के कारण इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिसके चलते परिवार के सदस्य घर से बाहर निकल गए।

यदि बिजली बंद नहीं होती और परिवार अंदर ही रहता, तो हादसे में गंभीर जनहानि हो सकती थी।

परिवार के मुखिया ने बताया कि वे सभी सामान्य रूप से घर के अंदर बैठे थे, लेकिन बिजली जाने के बाद बाहर निकल आए। कुछ ही देर में छत गिरने से पूरा घर मलबे में बदल गया।

घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट

छत गिरने के कारण मकान के अंदर रखा अधिकांश सामान मलबे में दब गया। परिवार के अनुसार—

  • घरेलू फर्नीचर
  • कपड़े
  • इलेक्ट्रॉनिक सामान
  • रसोई का सामान
  • पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि अब उनके पास रहने के लिए सुरक्षित जगह नहीं बची है और वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

प्रशासन से मुआवजे की मांग

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है। परिवार का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और मकान के दोबारा निर्माण के लिए सरकारी मदद जरूरी है।

स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से प्रभावित परिवार को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की अपील की है।

कोटा में मौसम ने बदला अचानक रुख

बुधवार रात कोटा और आसपास के क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण शहर के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ।

कई जगहों पर—

  • पेड़ उखड़ गए
  • बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए
  • सड़कें बाधित हो गईं
  • शादी समारोहों के टेंट उड़ गए
  • तेज हवाओं के कारण घंटों तक बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।

शादी समारोहों पर भी पड़ा असर

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, आंधी और बारिश का असर शहर में चल रहे शादी समारोहों पर भी पड़ा। कई इलाकों में लगाए गए टेंट तेज हवाओं में उड़ गए, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कुछ स्थानों पर कार्यक्रम अस्थायी रूप से रोकने पड़े, जबकि कई आयोजनों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

कोटा में तेज आंधी-बारिश के बीच मकान की छत ढही, बिजली कटौती ने बचाईं तीन जिंदगियां

मौसम साफ, लेकिन खतरा बरकरार

गुरुवार सुबह मौसम साफ हो गया और तेज धूप निकल आई। तापमान फिर से करीब 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में फिर से आंधी और बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने कोटा जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणाली के कारण राजस्थान के कई हिस्सों में अचानक मौसम बदल रहा है।

पुराने और कमजोर मकानों के लिए बढ़ा खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि तेज आंधी और बारिश के दौरान पुराने और जर्जर मकानों को सबसे ज्यादा खतरा होता है। लगातार बदलते मौसम और तेज हवाओं के कारण कमजोर संरचनाएं अचानक ढह सकती हैं।

इंजीनियरों के अनुसार

  • पुरानी छतों की नियमित जांच जरूरी है
  • बारिश से पहले मरम्मत करानी चाहिए
  • कमजोर दीवारों और छतों को मजबूत करना जरूरी है
  • ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी

स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।

प्रशासन ने कहा है कि

  • तेज आंधी के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें
  • कमजोर मकानों में सावधानी बरतें
  • बिजली के तारों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें
  • मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें

जलवायु परिवर्तन और बढ़ती मौसमीय घटनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में अचानक आंधी, भारी बारिश और तेज हवाओं जैसी चरम मौसमीय घटनाएं बढ़ी हैं। इसका असर शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में देखने को मिल रहा है।

विशेष रूप से राजस्थान जैसे राज्यों में, जहां पहले गर्म और शुष्क मौसम अधिक रहता था, अब असामान्य बारिश और तूफान की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।

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