मेरठ में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। परिवारों से 40 सवालों के जरिए आधार, बैंक, जाति और कोविड टीकाकरण जैसी जानकारियां ली जाएंगी। 16 नवंबर से स्वगणना शुरू होगी।
मेरठ: जनगणना 2027 के दूसरे चरण में जिले के परिवारों से 40 सवालों के जरिए विभिन्न जानकारियां दर्ज की जाएंगी। प्रशासन ने इसके लिए 8 हजार से ज्यादा प्रगणक और पर्यवेक्षक तैनात करने की तैयारी की है। 12 अक्टूबर से 130 फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण शुरू होगा। स्वगणना 16 से 30 नवंबर तक चलेगी, जबकि घर-घर जाकर गणना का काम 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक होगा।
परिवारों से पूछे जाएंगे 40 सवाल
मेरठ में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस चरण में प्रत्येक परिवार से करीब 40 सवाल पूछकर अलग-अलग जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इस प्रक्रिया के तहत परिवारों से संबंधित कई महत्वपूर्ण विवरण एकत्र किए जाएंगे। अधिक जानकारी दर्ज होने के कारण इस बार प्रगणकों के लिए निर्धारित क्षेत्र को पहले की तुलना में छोटा रखा गया है।

प्रशासन के अनुसार, दूसरे चरण में आधार कार्ड नंबर, बैंक खाते, कोविड टीकाकरण और जाति समेत कई जानकारियां दर्ज की जाएंगी। अधिक विवरण जुटाने में लगने वाले समय को देखते हुए एक प्रगणक को करीब 180 मकानों का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
इसी वजह से मेरठ जिले में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की संख्या बढ़ाई जा रही है। जिले में 8 हजार से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने की तैयारी है।
130 फील्ड ट्रेनरों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
जनगणना का काम शुरू होने से पहले कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। मेरठ के लिए चयनित पांच मास्टर ट्रेनर लखनऊ से प्रशिक्षण लेकर जिले में पहुंच चुके हैं। अब ये मास्टर ट्रेनर 12, 13 और 14 अक्टूबर को जिले के 130 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे।
इसके बाद फील्ड ट्रेनर प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जनगणना की प्रक्रिया और उनके कार्य की जानकारी देंगे। प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जिले के जनगणना कार्य के नोडल अधिकारी एडीएम वित्त कुंवर वीरेंद्र मौर्य और जिला प्रभारी शिव कुमार ने तैयारियों की जानकारी दी है। अधिकारियों के मुताबिक, दूसरे चरण के लिए कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
16 नवंबर से शुरू होगी स्वगणना
जनगणना के दूसरे चरण में नागरिकों को खुद ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए 16 नवंबर से 30 नवंबर तक का समय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में लोग स्वगणना के माध्यम से अपनी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करा सकेंगे।
इसके बाद 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना का काम करेंगे। घर-घर सर्वे पूरा होने के बाद 9 जनवरी तक रिवीजन और अन्य जरूरी कार्य किए जाएंगे।
इस बार जनगणना ड्यूटी से नाम हटवाना भी आसान नहीं होगा। पहले चरण में बड़ी संख्या में प्रगणकों ने ड्यूटी हटवाने के लिए आवेदन किया था, जिससे अंतिम समय में कर्मचारियों की संख्या कम हो गई थी।
अब जिलाधिकारी के निर्देश पर ड्यूटी से संबंधित आवेदनों की जांच के लिए एक समिति बनाई गई है। जिला स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी को जनगणना के लिए प्रभारी कार्मिक बनाया गया है। उनकी अध्यक्षता वाली समिति ही ड्यूटी हटाने के आवेदनों की जांच करके निर्णय लेगी।












