चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में शॉर्ट सर्किट के कारण दो घरों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने दोनों मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन लपटें तेज होने के कारण दमकल की मदद लेनी पड़ी।
घटना की सूचना मिलते ही टाटा स्टील की दमकल टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया। करीब दो घंटे तक लगातार पानी की बौछार करने के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। राहत की बात रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत शॉर्ट सर्किट से हुई। शुरुआती तौर पर एक घर में बिजली के तार या उपकरण में खराबी के कारण चिंगारी निकली, जिसके बाद आग लग गई। घर में मौजूद सामान ने आग को तेजी से फैलने में मदद की। कुछ ही देर में आग दूसरे घर तक भी पहुंच गई।
आग की लपटें और धुआं देखकर आसपास रहने वाले लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत घटना की जानकारी संबंधित लोगों और दमकल विभाग को दी। आग की गंभीरता को देखते हुए आसपास के घरों को भी सतर्क किया गया।
दमकल वाहन के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की। हालांकि आग काफी फैल चुकी थी, इसलिए उस पर तत्काल काबू पाना मुश्किल हो रहा था। इसके बाद दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला।
दमकल कर्मियों ने सबसे पहले आग को और आसपास के मकानों तक फैलने से रोकने का प्रयास किया। इसके बाद पानी की बौछार कर आग की लपटों को नियंत्रित किया गया। दोनों घरों में अलग-अलग हिस्सों में लगी आग को बुझाने में काफी समय लगा।
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पूरी तरह शांत हुई। इसके बाद दमकल कर्मियों ने दोनों घरों का निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि कहीं अंदर किसी हिस्से में आग या चिंगारी दोबारा न भड़क जाए।
घटना के बाद दोनों घरों में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग की वजह से घरेलू सामान और अन्य वस्तुओं के जलने की आशंका है। हालांकि नुकसान की वास्तविक कीमत का आकलन संबंधित विभाग और प्रभावित परिवारों की ओर से किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद कुछ समय के लिए पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी। लोगों को डर था कि यदि आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया गया तो आसपास के अन्य घर भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
रिहायशी इलाकों में आग की घटनाओं में सबसे बड़ा खतरा आसपास के घरों तक आग पहुंचने का होता है। खासकर यदि मकान एक-दूसरे के काफी करीब हों तो तेज हवा या ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैल सकती है।
इस घटना में टाटा स्टील की दमकल टीम के समय पर पहुंचने से आग को ज्यादा फैलने से रोकने में मदद मिली। दमकल कर्मियों ने लगातार प्रयास करते हुए आग को दोनों मकानों तक सीमित रखा और आसपास के घरों को सुरक्षित बचाने का प्रयास किया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली। आग बुझने के बाद इलाके में मौजूद लोग धीरे-धीरे अपने घरों की ओर लौटे। प्रभावित परिवारों के घरों में हुए नुकसान को लेकर लोग जानकारी जुटाते रहे।
शॉर्ट सर्किट से होने वाली आग की घटनाओं को देखते हुए बिजली के पुराने तारों, स्विच बोर्ड और घरेलू उपकरणों की समय-समय पर जांच करना जरूरी है। बिजली के तारों पर जरूरत से ज्यादा लोड डालने से भी शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक घर में बिजली के तारों में स्पार्किंग, जलने की गंध या बार-बार फ्यूज उड़ने जैसी समस्या दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते बिजली मिस्त्री से जांच कराने पर बड़े हादसे को टाला जा सकता है।
चाईबासा में हुई इस घटना ने भी रिहायशी इलाकों में अग्नि सुरक्षा को लेकर लोगों को सतर्क किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाकों में दमकल वाहनों की पहुंच और पानी की उपलब्धता को लेकर पहले से व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए।
फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना के कारण दोनों घरों में हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।












