चंपावत में नई खरीदी गई टाटा पंच कार गहरी खाई में गिरकर आग की चपेट में आ गई। हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई, जबकि एक महिला और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
चंपावत: उत्तराखंड के चंपावत जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। हल्द्वानी से नई टाटा पंच कार खरीदकर लौट रहा परिवार उस समय दुर्घटना का शिकार हो गया जब वाहन पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनियंत्रित होकर सैकड़ों मीटर गहरी खाई में गिर गया। हादसे के बाद कार में आग लग गई, जिससे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
मरोड़ा खान और बंतोली के बीच हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार पिथौरागढ़ निवासी परिवार शुक्रवार को हल्द्वानी से नई टाटा पंच कार खरीदकर वापस अपने घर लौट रहा था। परिवार के सदस्य नई गाड़ी की खुशी के साथ सफर कर रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे जब वाहन लोहाघाट क्षेत्र के मरोड़ा खान और बंतोली के बीच पहुंचा, तभी अचानक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार सड़क से नीचे करीब 300 से 350 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार कई बार पलटती हुई नीचे पहुंची। हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
खाई में गिरते ही लगी भीषण आग
बताया जा रहा है कि खाई में गिरने के बाद वाहन में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके कारण कार में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी कार उसकी चपेट में आ गई। वाहन में सवार कुछ लोग झटके के कारण बाहर जा गिरे, जिससे उनकी जान बच गई, लेकिन दो व्यक्ति कार के अंदर ही फंस गए।
हादसे में बनकोड़ी कनालछीना निवासी 36 वर्षीय बलदेव कुमार और अजेड़ा चर्मा, डीडीहाट निवासी 48 वर्षीय राजेंद्र कुमार कार में फंस गए। आग लगने के कारण दोनों को बाहर निकालने का मौका नहीं मिल सका और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोनों आपस में चचेरे भाई बताए जा रहे हैं।
महिला और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल
दुर्घटना में 34 वर्षीय नीतू देवी, उनकी आठ वर्षीय बेटी अक्षिता और पांच वर्षीय पुत्र आरव गंभीर रूप से घायल हो गए। वाहन के खाई में गिरने के दौरान तीनों कार से बाहर जा गिरे थे, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि उन्हें कई गंभीर चोटें आई हैं।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची लोहाघाट पुलिस और 108 एंबुलेंस की मदद से घायलों को उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत कार्यों में सहयोग किया। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही परिजनों को भी हादसे की सूचना दे दी गई है।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में वाहन के अनियंत्रित होकर खाई में गिरने की बात सामने आई है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वाहन की गति कितनी थी और हादसे के समय सड़क की स्थिति कैसी थी।
क्षेत्र में शोक की लहर
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। परिवार नई कार खरीदने की खुशी मनाते हुए घर लौट रहा था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद यह खुशी गहरे दुख में बदल गई। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर दुख जताते हुए पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा बैरियर और चेतावनी संकेतों की कमी है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उनका मानना है कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।











