अर्धकुंभ और प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने हरिद्वार स्टेशन पर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। पांच होल्डिंग एरिया, 15 अतिरिक्त ट्रेनें और आधुनिक भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई गई है।
हरिद्वार: अर्धकुंभ और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण और यात्री सुविधाओं को मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी गई है। रेलवे प्रशासन ने पांच होल्डिंग एरिया विकसित करने, अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन और आधुनिक तकनीक आधारित प्रबंधन प्रणाली लागू करने की योजना तैयार की है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।
अर्धकुंभ को लेकर रेलवे प्रशासन ने शुरू की विशेष तैयारी
हरिद्वार देश के प्रमुख धार्मिक शहरों में शामिल है, जहां वर्षभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। चारधाम यात्रा, कांवड़ मेला, सोमवती अमावस्या, शिवरात्रि, बैसाखी और कुंभ जैसे आयोजनों के दौरान यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में रेलवे प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित यातायात संचालन की होती है।
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अगले वर्ष प्रस्तावित अर्धकुंभ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने अभी से व्यापक कार्ययोजना तैयार करनी शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। इसी कारण स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
पांच होल्डिंग एरिया में रुक सकेंगे 19 हजार यात्री
भीड़ नियंत्रण की रणनीति के तहत हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर एक स्थायी होल्डिंग एरिया सहित कुल पांच होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएंगे। इनकी कुल क्षमता लगभग 19 हजार यात्रियों की होगी। इन होल्डिंग एरिया को विभिन्न गंतव्यों के अनुसार अलग-अलग रंगों के कोड से चिन्हित किया जाएगा ताकि यात्रियों को अपनी ट्रेन तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इन क्षेत्रों में यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और टिकट सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। रेलवे की योजना है कि संबंधित ट्रेन के प्लेटफार्म पर पहुंचने से कुछ समय पहले यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से प्लेटफार्म की ओर भेजा जाए। इससे प्लेटफार्मों पर अचानक भीड़ बढ़ने की स्थिति को रोका जा सकेगा।
प्रमुख स्नान पर्वों पर चलेंगी अतिरिक्त ट्रेनें
हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान 15 अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई है। वर्तमान में स्टेशन से प्रतिदिन 33 जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है, लेकिन विशेष अवसरों पर यह संख्या पर्याप्त नहीं रहती।
मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, गुजरात और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसे समय में कई ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त ट्रेनों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
आधुनिक तकनीक और एआई आधारित सिस्टम पर जोर
रेलवे और मेला प्रशासन के बीच इस संबंध में कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। बैठकों में हरिद्वार और आसपास के 11 रेलवे स्टेशनों को भी कुंभ कार्ययोजना के दायरे में शामिल करने पर विचार किया गया है। इसके अलावा स्टेशन सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी चर्चा हुई है।
रेलवे प्रशासन एआई आधारित भीड़ प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था लागू करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इससे यात्रियों की संख्या, प्लेटफार्म पर दबाव और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों पर बेहतर नजर रखी जा सकेगी। आधुनिक तकनीक के उपयोग से आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी।
संयुक्त टीम करेगी निगरानी और मूल्यांकन
रेलवे और मेला प्रशासन की संयुक्त टीम लगातार विभिन्न स्टेशनों का निरीक्षण कर रही है। टीम पिछले वर्षों के अनुभवों और उपलब्ध आंकड़ों का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। इसी रिपोर्ट के आधार पर अंतिम कार्ययोजना लागू की जाएगी।
इसके अलावा केंद्रीय नियंत्रण कक्ष में रेलवे और मेला प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए विशेष डेस्क भी बनाई जाएगी। इससे दोनों विभागों के बीच सूचना का आदान-प्रदान तेज होगा और किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी।
यात्रियों ने भी सुझाए समाधान
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी भीड़ नियंत्रण के लिए कई सुझाव दिए हैं। उनका मानना है कि स्टेशन पर अतिरिक्त प्लेटफार्मों का निर्माण, प्रवेश और निकास द्वारों की संख्या में वृद्धि तथा आसपास के क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाना जरूरी है।
कुछ लोगों ने ज्वालापुर और मोतीचूर जैसे निकटवर्ती स्टेशनों का विस्तार करने और प्रमुख ट्रेनों का वहां भी ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन सुझावों पर अमल किया जाता है तो हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर भीड़ का दबाव काफी हद तक कम किया जा सकता है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि अर्धकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सभी आवश्यक तैयारियां चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा रही हैं।











