चंदौली में स्कूल जा रहे कक्षा 2 के एक छात्र पर आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि कुत्ते ने पहले बच्चे को दौड़ाया और फिर उसे पकड़कर काट लिया। हमले के दौरान कुत्ते ने बच्चे को जबड़े में दबोच लिया और कुछ दूर तक घसीटता हुआ ले गया। बच्चे के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को भगाकर बच्चे को उसके चंगुल से छुड़ाया।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायल छात्र को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। परिजनों के मुताबिक बच्चे के शरीर पर कुत्ते के काटने से कई जगह चोटें आई हैं। घटना के बाद परिवार के लोगों में दहशत का माहौल है।
बताया गया कि बच्चा रोज की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। वह रास्ते से होकर स्कूल की तरफ जा रहा था। इसी दौरान अचानक एक कुत्ता उसके पीछे पड़ गया। बच्चा डरकर भागने लगा, लेकिन कुत्ते ने उसका पीछा नहीं छोड़ा।
कुछ दूरी तक दौड़ाने के बाद कुत्ते ने बच्चे को पकड़ लिया। बच्चे के संभलने से पहले ही कुत्ते ने उसे जबड़े में दबोच लिया। इसके बाद वह बच्चे को घसीटते हुए आगे ले जाने लगा। बच्चे के रोने और चीखने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों का ध्यान उसकी ओर गया।
स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर कुत्ते को भगाने की कोशिश की। कई लोग बच्चे को बचाने के लिए मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद कुत्ते को बच्चे से अलग किया गया। इसके बाद घायल बच्चे को तत्काल परिजनों के पास पहुंचाया गया।
बच्चे के साथ हुई घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग घबरा गए। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार किया। कुत्ते के काटने के बाद बच्चे को एंटी-रेबीज वैक्सीन समेत जरूरी चिकित्सा सुविधा दिए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद आसपास के लोगों में आवारा कुत्तों को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं और कई बार वे राहगीरों के पीछे दौड़ पड़ते हैं। खासकर सुबह के समय स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों के लिए यह गंभीर खतरा बन सकता है।
लोगों ने संबंधित विभाग से इलाके में घूम रहे आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी निगरानी करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में किसी अन्य बच्चे के साथ भी ऐसी घटना हो सकती है।
बच्चे के परिजनों का कहना है कि वह स्कूल जाने के लिए घर से निकला था और रास्ते में उस पर हमला हो गया। परिवार के लोगों ने घटना को लेकर चिंता जताई है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से कदम उठाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुत्ते के हमले के समय बच्चा अकेला था। यदि आसपास के लोग समय पर नहीं पहुंचते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। कुत्ते के बच्चे को जबड़े में दबोचकर घसीटने से लोगों में भय का माहौल पैदा हो गया।
घटना के बाद लोगों ने स्कूल जाने वाले बच्चों को अकेले भेजने के बजाय कुछ समय तक समूह में भेजने की बात कही है। अभिभावकों को भी बच्चों को आवारा कुत्तों से दूरी बनाए रखने के लिए समझाने की सलाह दी गई है।
डॉग बाइट के मामले में समय पर चिकित्सा उपचार बेहद जरूरी होता है। बच्चे के परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज कराया गया। कुत्ते के बारे में भी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है कि वह वास्तव में पागल था या आक्रामक व्यवहार कर रहा था।
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल इलाके में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ घटना के बाद उपचार कराने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। कुत्तों की संख्या और उनकी गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए संबंधित विभाग को नियमित कार्रवाई करनी चाहिए।
स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे अक्सर कुत्तों को देखकर डर जाते हैं और भागने लगते हैं। कई मामलों में भागने पर कुत्ते पीछा करते हैं। ऐसे में अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की ओर से बच्चों को आवारा कुत्तों से बचाव के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है।
फिलहाल घायल छात्र का इलाज कराया जा रहा है। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोग प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
चंदौली में कक्षा 2 के मासूम पर कुत्ते के इस हमले ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्कूल जा रहे बच्चे को कुत्ते ने पहले दौड़ाया और फिर जबड़े में दबोचकर कुछ दूर तक घसीट दिया। आसपास के लोगों ने किसी तरह बच्चे को बचाया और उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की है












