चास में खिड़की तोड़कर चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा, 6 गिरफ्तार

बोकारो के चास में खिड़की तोड़कर चोरी करने वाले कथित गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर मोबाइल, कंगन और अन्य सामान बरामद किया।

बोकारो के चास में खिड़की तोड़कर चोरी करने वाले कथित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। छह आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस ने सात मोबाइल, सात कंगन, पिघली धातु, चापड़ और अन्य सामान बरामद किया है। तीन चोरी के मामले सुलझाने का दावा है।

बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले के चास थाना क्षेत्र में घरों की खिड़कियां तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले कथित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के सात मोबाइल फोन, सोने जैसे धातु के सात कंगन, पिघली हुई धातु और चोरी में इस्तेमाल होने वाली अन्य वस्तुएं बरामद की गई हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में चास क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई तीन चोरी की घटनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।

पुलिस की इस कार्रवाई को चास थाना क्षेत्र में लगातार हुई चोरी की घटनाओं के बाद बड़ी सफलता माना जा रहा है। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं को आधार बनाकर संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल थे और आरोपियों ने इससे पहले कितनी अन्य वारदातों को अंजाम दिया है।

तीन चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस ने बनाई विशेष टीम

पुलिस के अनुसार, चास थाना क्षेत्र में 22 जुलाई, 11 अगस्त और 15 अगस्त 2026 की रात घरों में चोरी की तीन घटनाएं सामने आई थीं। चोरों ने घरों की खिड़कियां तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां रखे मोबाइल फोन, आभूषण तथा अन्य सामान लेकर फरार हो गए थे।

लगातार हुई इन घटनाओं से पुलिस के सामने चुनौती बढ़ गई थी। घटनाओं के खुलासे के लिए बोकारो के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सहायक पुलिस अधीक्षक, सदर चास के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई।

टीम ने घटनास्थलों से उपलब्ध जानकारी जुटाने के साथ तकनीकी इनपुट का भी इस्तेमाल किया। संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं को आपस में जोड़ने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

इन मामलों को चास थाना में कांड संख्या 94/2026, 102/2026 और 103/2026 के तहत दर्ज किया गया था।

छह आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान गौतम बाउरी उर्फ मिरीण्डा, राहुल कुमार बाउरी, रवि कुमार पाण्डेय, प्रिंस कुमार उर्फ कृष, अमन राज उर्फ मनीष कुमार और कृष्णा कुमार पॉल के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की घटनाओं में अपनी कथित संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी से जुड़ा सामान बरामद किया गया।

जांच एजेंसी अब आरोपियों की भूमिका अलग-अलग स्तर पर जांच रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी के दौरान कौन आरोपी घरों में दाखिल होता था, कौन सामान ले जाने में मदद करता था और चोरी के बाद सामान को कहां खपाया जाता था।

सात मोबाइल और सात कंगन बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा सोने जैसे धातु से बने सात कंगन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने करीब 3.50 ग्राम पिघली हुई सोने जैसी धातु भी जब्त की है।

जांच के दौरान पुलिस को एक लोहे का चापड़, छोटा इलेक्ट्रॉनिक तौलने का उपकरण और पांच रुपये के 12 नोट भी मिले हैं। बरामद सामान को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है और यह पता लगाया जा रहा है कि इनमें से कौन-कौन सी वस्तुएं दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित हैं।

पुलिस बरामद धातु की वास्तविक प्रकृति की भी जांच कर सकती है, क्योंकि शुरुआती जानकारी में इसे सोने जैसी धातु बताया गया है। इसके लिए आवश्यक परीक्षण के बाद ही इसकी सही पहचान और कीमत स्पष्ट हो सकेगी।

खिड़की तोड़कर घर में दाखिल होने का आरोप

पुलिस के अनुसार, गिरोह का कथित तरीका घरों की खिड़कियों को निशाना बनाना था। रात के समय जब परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे होते थे, तब आरोपी खिड़की तोड़कर मकान में प्रवेश करते और कीमती सामान लेकर निकल जाते थे।

इस तरह की चोरी में अपराधी अक्सर ऐसे घरों को निशाना बनाते हैं जहां प्रवेश और बाहर निकलने का रास्ता अपेक्षाकृत आसान हो। चास क्षेत्र में हुई घटनाओं में भी खिड़कियों को तोड़े जाने की बात सामने आई थी।

लगातार एक जैसे तरीके से हुई घटनाओं ने पुलिस को यह मानने में मदद की कि इनके पीछे एक संगठित समूह हो सकता है। इसी आधार पर पुलिस ने पुराने और नए मामलों के बीच संभावित संबंधों की जांच शुरू की।

गौतम बाउरी का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड

गिरफ्तार आरोपियों में गौतम बाउरी उर्फ मिरीण्डा का पहले से आपराधिक इतिहास बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ चास थाना में वर्ष 2021 में चोरी और सेंधमारी से संबंधित दो मामले दर्ज थे।

पुराने मामलों में उसका नाम सामने आने के बाद पुलिस ने मौजूदा घटनाओं की जांच के दौरान उसके रिकॉर्ड को भी ध्यान में रखा। इसके बाद उससे पूछताछ की गई और कथित तौर पर वर्तमान मामलों में उसकी भूमिका सामने आई।

हालांकि, किसी आरोपी का पहले आपराधिक मामले में नाम होना मौजूदा मामले में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। अदालत में आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम कानूनी निष्कर्ष तय होगा।

तकनीकी और मानवीय सूचनाओं से मिली सफलता

चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस टीम ने जांच के लिए तकनीकी और मानवीय दोनों तरह की सूचनाओं का सहारा लिया। तकनीकी जांच से मिले इनपुट को स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के साथ मिलाकर संदिग्धों की पहचान की गई।

पुलिस की विशेष टीम ने इसके बाद कार्रवाई की और छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर चोरी का सामान बरामद किया गया।

इस तरह की जांच में तकनीकी निगरानी, घटनास्थल से मिलने वाले सुराग और स्थानीय सूचना तंत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित मामलों की जानकारी जुटा रही है।

क्या दूसरे मामलों से भी जुड़े हैं आरोपियों के तार?

तीन चोरी की घटनाओं का खुलासा होने के बाद पुलिस के सामने अगली चुनौती यह पता लगाना है कि गिरफ्तार आरोपियों ने चास या बोकारो के अन्य इलाकों में भी ऐसी वारदातें की थीं या नहीं।

पुलिस आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड, मोबाइल फोन और अन्य बरामद सामान की जांच कर सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि गिरोह ने पहले किन इलाकों को निशाना बनाया था और चोरी के सामान को किस नेटवर्क के जरिए बेचा या ठिकाने लगाया गया।

साथ ही, पुलिस यह भी जांच रही है कि गिरोह में शामिल लोग चोरी के बाद सामान को किन लोगों तक पहुंचाते थे। यदि इस जांच में नए नाम सामने आते हैं तो आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।

पुलिस की कार्रवाई से क्या मिला संदेश?

चास में हुई इस कार्रवाई से पुलिस ने लगातार हो रही घरों में चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई का संकेत दिया है। विशेष टीम के गठन के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी के सामान की बरामदगी से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

घर में चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस के साथ-साथ लोगों की सतर्कता भी जरूरी है। रात के समय घर की खिड़कियों और दरवाजों की सुरक्षा, आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और किसी अनजान व्यक्ति की गतिविधि की सूचना पुलिस को देना उपयोगी हो सकता है।

अदालत में आगे बढ़ेगी कानूनी प्रक्रिया

छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पुलिस बरामद सामान, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर आरोपों को मजबूत करने की कोशिश करेगी।

जांच पूरी होने के बाद पुलिस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी। वहीं आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।

फिलहाल चास थाना क्षेत्र में हुई तीन चोरी की घटनाओं के संबंध में पुलिस की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों का नेटवर्क कितना बड़ा है और क्या इनके तार बोकारो के बाहर हुई अन्य चोरी की वारदातों से भी जुड़े हैं।

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