रायपुर के मोवा में साइबर ठगों ने लोन कंपनी के कर्मचारी बनकर तीन ग्राहकों से संपर्क किया और कथित लेनदेन के नाम पर 86,800 रुपये ठग लिए। पुलिस मोबाइल नंबर, वॉट्सऐप चैट और बैंक खातों की जांच कर रही है।
रायपुर: राजधानी में साइबर ठगी का नया तरीका सामने आया है, जिसमें आरोपी लोन कंपनियों के एजेंट बनकर ग्राहकों को फोन और वॉट्सऐप के जरिए संपर्क कर रहे हैं। मोवा में सामने आए मामले में निजी लोन कंपनी के तीन ग्राहकों से कुल 86,800 रुपये ठगे गए। आरोपियों ने कंपनी से जुड़ी जानकारी देकर भरोसा जीता और बाद में लोन संबंधी लेनदेन के नाम पर रकम अपने खातों में जमा करा ली।
लोन कंपनी के कर्मचारी बनकर ग्राहकों को बनाया निशाना
रायपुर के मोवा इलाके में लोन कंपनी के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यह मामला मोवा स्थित क्रेडिट सी लोन मेघदूत मर्केनटाइल प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। कंपनी कर्मचारी प्रद्युमन लिमसाखरे ने मामले की शिकायत पुलिस से की है।

जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने तीन ग्राहकों को अलग-अलग लोन दिया था। इसके बाद अज्ञात आरोपियों ने इन ग्राहकों के मोबाइल नंबर पर फोन और वॉट्सऐप के जरिए संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को क्रेडिट सी लोन का कर्मचारी बताया और लोन से संबंधित जानकारी साझा करके ग्राहकों का भरोसा हासिल किया।
लोन की रकम के नाम पर 86,800 रुपये जमा कराए
ग्राहकों का विश्वास हासिल करने के बाद आरोपियों ने उनसे बैंक खाते से जुड़ी जानकारी और अन्य विवरण हासिल करने की कोशिश की। इसके बाद लोन की रकम से जुड़े लेनदेन का हवाला देकर ग्राहकों को अपने बताए बैंक खातों में पैसे जमा करने के लिए कहा गया।
आरोप है कि तीन ग्राहकों से अलग-अलग तरीके से कुल 86,800 रुपये आरोपियों ने अपने खातों में जमा करा लिए। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने ग्राहकों से संपर्क करना बंद कर दिया। इसके बाद मामले की जानकारी कंपनी तक पहुंची और कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस खंगाल रही मोबाइल और बैंक खातों की जानकारी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल नंबर, वॉट्सऐप चैट और बैंक खातों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के पास कंपनी के ग्राहकों के मोबाइल नंबर और लोन से जुड़ी जानकारी कैसे पहुंची।
जांच एजेंसियां आरोपियों तक पहुंचने के लिए उनके संपर्क और बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस तरीके से अन्य लोगों को भी निशाना बनाया गया है।
लोन के नाम पर गोपनीय जानकारी साझा न करें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लोन, किस्त या भुगतान के नाम पर फोन करने वाले अनजान लोगों के साथ बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड, OTP या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें।
अगर कोई व्यक्ति खुद को किसी लोन कंपनी का कर्मचारी बताकर संपर्क करता है और भुगतान या बैंक संबंधी जानकारी मांगता है, तो पहले संबंधित कंपनी के आधिकारिक नंबर पर संपर्क करके उसकी पहचान और दावे की पुष्टि करनी चाहिए। किसी भी तरह का भुगतान करने से पहले भी कंपनी से जानकारी सत्यापित करना जरूरी है।
साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को अनजान नंबरों से आए फोन, वॉट्सऐप संदेश और भुगतान संबंधी निर्देशों को लेकर सतर्क रहना चाहिए। विशेष रूप से लोन से जुड़े मामलों में किसी भी व्यक्ति को बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी देने से बचना चाहिए।











