चीन के गुआंग्शी क्षेत्र में सोमवार तड़के 5.2 तीव्रता का भूकंप आया। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई और 13 इमारतें ढह गईं। प्रशासन ने 7 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
बीजिंग: चीन के दक्षिणी गुआंग्शी क्षेत्र में सोमवार तड़के आए 5.2 तीव्रता के भूकंप ने व्यापक दहशत फैला दी। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और स्थानीय प्रशासन को बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू करना पड़ा।
सरकारी मीडिया के अनुसार, भूकंप का केंद्र गुआंग्शी क्षेत्र के लिउझोउ शहर के आसपास बताया गया है। हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से 7 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में आपातकालीन टीमें तैनात हैं।
13 इमारतें ढहीं, एक व्यक्ति अब भी लापता
भूकंप के कारण कम से कम 13 इमारतों के गिरने की पुष्टि हुई है। इनमें कई आवासीय ढांचे शामिल बताए जा रहे हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, एक व्यक्ति अब भी लापता है। वहीं चार अन्य घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि कई पुराने भवनों में दरारें आई हैं, जिसके चलते आसपास के इलाकों को अस्थायी रूप से खाली कराया गया है। लोगों से खुले स्थानों पर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
भूकंप के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर निकासी अभियान शुरू किया। लिउझोउ और आसपास के इलाकों से हजारों लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में पहुंचाया गया।
स्थानीय सरकार ने स्कूलों, सामुदायिक भवनों और खेल परिसरों को राहत केंद्रों में बदल दिया है। यहां प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पानी, दवाइयों और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
चीन की आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने कहा कि राहत कार्यों में सेना और मेडिकल टीमों को भी शामिल किया गया है। बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों का सर्वे कर रहे हैं ताकि किसी भी फंसे हुए व्यक्ति को जल्द बाहर निकाला जा सके।
परिवहन सेवाओं पर असर की आशंका
भूकंप के बाद परिवहन सेवाओं को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। रेलवे अधिकारियों ने ट्रैक, पुलों और स्टेशन ढांचे की जांच शुरू कर दी है। कुछ रूट्स पर ट्रेनों की गति अस्थायी रूप से कम की गई है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हालांकि शुरुआती जांच में बड़े स्तर पर नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि आफ्टरशॉक्स की संभावना को देखते हुए निगरानी जारी रहेगी।
सड़क यातायात फिलहाल सामान्य बताया गया है, लेकिन कुछ इलाकों में मलबा हटाने का काम चल रहा है। प्रशासन ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।

बिजली, पानी और संचार सेवाएं सामान्य
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, भूकंप के बावजूद बिजली, पानी, गैस और संचार सेवाएं सामान्य रूप से काम कर रही हैं। आपदा के तुरंत बाद तकनीकी टीमों को तैनात कर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच की गई।
अधिकारियों ने कहा कि अब तक किसी बड़े औद्योगिक या ऊर्जा संयंत्र में गंभीर नुकसान की सूचना नहीं मिली है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
चीन में भूकंप का खतरा क्यों बना रहता है
चीन दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां भूकंपीय गतिविधियां अक्सर दर्ज की जाती हैं। देश के कई हिस्से सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटों के करीब स्थित हैं, जिसके कारण यहां समय-समय पर मध्यम और तेज तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिणी चीन के कई क्षेत्र भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। हालांकि चीन ने पिछले वर्षों में आपदा प्रबंधन और निर्माण मानकों को मजबूत किया है, फिर भी पुराने भवनों को लेकर खतरा बना रहता है।
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि 5.2 तीव्रता का भूकंप मध्यम श्रेणी में आता है, लेकिन यदि इसका केंद्र आबादी वाले इलाके के करीब हो तो नुकसान बढ़ सकता है। यही वजह है कि प्रशासन आफ्टरशॉक्स को लेकर भी सतर्क बना हुआ है।
राहत और बचाव कार्य जारी
भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही क्षतिग्रस्त इमारतों का सर्वे कर यह तय किया जाएगा कि कौन से ढांचे सुरक्षित हैं और किन्हें पूरी तरह खाली कराना जरूरी है।
चीन सरकार ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत सामग्री और बचाव दल भी भेजे जा सकते हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सामान्य स्थिति बहाल करना है।











