छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, CM विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टर-SP को हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के अलर्ट के बीच CM विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टर, एसपी और विभागों को हाई अलर्ट पर रहने तथा राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग के रेड-येलो अलर्ट के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिलों के कलेक्टर, एसपी और संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। राहत और बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड और येलो अलर्ट के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आपदा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संभावित बाढ़ और जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए। सभी जिला प्रशासन संवेदनशील स्थानों की पहचान कर समय रहते आवश्यक एहतियाती कदम उठाएं। जिन इलाकों में बाढ़ का खतरा अधिक है, वहां जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन मौसम की बदलती परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए रखे और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार रहे।

राहत शिविरों में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों

राज्य सरकार ने सभी जिलों को राहत और बचाव कार्यों की तैयारियां पहले से पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों, प्राथमिक उपचार, बिजली और स्वच्छता जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

इसके साथ ही वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों जैसे संवेदनशील वर्गों की विशेष देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन को यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रभावित क्षेत्र में राहत सामग्री और आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए।

NDRF, SDRF और सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), पुलिस, होमगार्ड, नगर सेना, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत वितरण कंपनी और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि नाव, राहत सामग्री, बचाव उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी के राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके।

24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने जिला और राज्य स्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी व्यवस्था बनाए रखने को कहा है। अधिकारियों को जलाशयों के जलस्तर, नदी-नालों की स्थिति और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निर्णय लेकर राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू करने पर भी जोर दिया गया है।

प्रदेश के कई जिलों, विशेषकर गरियाबंद समेत अन्य क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेशवासियों से भी की सावधानी बरतने की अपील

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने लोगों से अनावश्यक रूप से नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचने को कहा है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को देने की अपील की गई है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रशासन की सतर्कता, समय पर राहत एवं बचाव कार्य और आम जनता के सहयोग से भारी बारिश से उत्पन्न किसी भी संभावित आपदा का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा।

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