बिहार में मंत्री संजय कुमार सिंह और तेजप्रताप यादव के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच चिराग पासवान ने जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि आरोप सही पाए गए तो उनकी पार्टी विधायक के खिलाफ कार्रवाई करेगी और उन्हें पार्टी से बाहर किया जाएगा।
पटना: बिहार में मंत्री संजय कुमार सिंह और तेजप्रताप यादव के बीच विवाद बढ़ने के बाद चिराग पासवान ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि आरोप गंभीर हैं और यदि जांच में उनकी पार्टी के विधायक पर लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो उन्हें पार्टी से बाहर करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
चिराग बोले- आरोप सही हुए तो होगी कार्रवाई
बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) मंत्री और महुआ विधायक संजय कुमार सिंह को लेकर चल रहे विवाद में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आरोप बेहद गंभीर हैं और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
चिराग पासवान ने सोमवार को कहा कि यदि उनकी पार्टी के विधायक पर लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो वह ऐसे व्यक्ति को पार्टी से बाहर कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चिराग के मुताबिक, पार्टी की ओर से विधायक से इस मामले में जवाब भी मांगा गया है। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े तथ्यों को सामने लाना जरूरी है।
होटल और संबंधित युवती के सामने आने की मांग
पूरा विवाद तेजप्रताप यादव के सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ था। तेजप्रताप ने आरोप लगाया था कि मंत्री संजय कुमार सिंह ने दिल्ली यात्रा के दौरान एक बड़े होटल में एक महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और उसके शोषण का प्रयास किया।
तेजप्रताप ने मामले को गंभीर बताते हुए सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष तथा उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। उन्होंने यह दावा भी किया था कि मामले को दबाने के लिए कथित तौर पर ₹25 लाख का लेन-देन किया गया।
चिराग पासवान ने कहा कि यदि आरोप लगाए गए हैं तो मामले से जुड़े होटल और संबंधित युवती को भी सामने आना चाहिए, ताकि पूरे प्रकरण की वास्तविकता स्पष्ट हो सके। उन्होंने बिहार सरकार से मामले की जांच कराने की मांग की।
संजय सिंह ने आरोप साबित करने की दी चुनौती
तेजप्रताप के आरोपों के बाद मंत्री संजय कुमार सिंह ने उन्हें चुनौती देते हुए कहा था कि अगर कोई उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित कर दे तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
इसके जवाब में तेजप्रताप ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री को अपनी बात पर भरोसा है तो उन्हें सामने आकर बात करनी चाहिए। तेजप्रताप ने दावा किया कि वह मामले की सच्चाई सामने लाकर रहेंगे।
विवाद के बीच मंत्री की ओर से तेजप्रताप यादव को ₹50 करोड़ का मानहानि नोटिस भी भेजा गया है। इससे दोनों नेताओं के बीच चल रहा विवाद और ज्यादा बढ़ गया है।
महुआ सीट पर तेजप्रताप को हराकर विधायक बने संजय सिंह
संजय कुमार सिंह पहली बार विधायक बने हैं और उन्हें सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में मंत्री पद मिला है। उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव में महुआ सीट से चुनाव जीता था।
महुआ सीट का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसी क्षेत्र से तेजप्रताप यादव 2015 में पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। उस समय उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर चुनाव जीता था और पहली बार विधायक बनने के बाद बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने थे।
2025 के विधानसभा चुनाव में तेजप्रताप ने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के टिकट पर महुआ से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में लोजपा (रामविलास) के उम्मीदवार संजय कुमार सिंह विजयी हुए, जबकि राजद के पूर्व विधायक डॉ. मुकेश रौशन दूसरे स्थान पर रहे।
अब मंत्री और तेजप्रताप के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच चिराग पासवान के जांच की मांग करने से मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है।









