रतनगढ़ स्टेशन रोड पर एक व्यक्ति मृत अवस्था में मिला। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पहचान के बाद परिजनों को सूचना दी गई है। मौत के कारणों की जांच की जा रही है।
चूरू: जिले ले रतनगढ़ कस्बे में बुधवार को स्टेशन रोड पर एक व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। यह घटना उस समय सामने आई जब स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे एक दुकान के सामने पट्टियों के ढांचे के नीचे एक व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में पड़ा देखा। जब लोगों ने उसे जगाने का प्रयास किया, तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद रतनगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने की पहचान
रतनगढ़ थाना के सहायक उप निरीक्षक (ASI) सुरेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान व्यक्ति की तलाशी ली गई। उसके पास मिले पहचान पत्र (वोटर आईडी) के आधार पर उसकी पहचान की गई।
मृतक की पहचान अलवर जिले के बहरोड़ क्षेत्र के माजरी कला गांव निवासी ललित शर्मा (उम्र लगभग 45 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर राजकीय जालान अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है।

परिजनों को दी गई सूचना
पुलिस ने तत्काल मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। परिजनों के पहुंचने के बाद ही आगे की कानूनी और पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।
स्थानीय लोगों में फैली दहशत
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्टेशन रोड जैसे व्यस्त क्षेत्र में शव मिलने से स्थानीय लोग स्तब्ध रह गए। कई लोगों ने इस घटना को लेकर चिंता जताई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
पुलिस कर रही विभिन्न पहलुओं की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि व्यक्ति वहां कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
अधिकारियों ने कहा कि सभी संभावित पहलुओं—स्वास्थ्य कारण, दुर्घटना या अन्य कारण—को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
सड़क किनारे सुरक्षा और बेघर व्यक्तियों की स्थिति पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर शहरी और कस्बाई क्षेत्रों में सड़क किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर मेडिकल सहायता और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है।










