हजारीबाग के मोरांगी इलाके में सड़क किनारे खड़े ट्रक से बाइक टकराने पर युवक-युवती की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है, जबकि इलाके में शोक का माहौल है।
चतरा: झारखंड के चतरा जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। कुन्दा थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर करीब 11 लाख रुपये मूल्य की अवैध अफीम बरामद की और एक तस्कर को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई जिले में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि सिकीदाग गांव में कुछ लोग अवैध अफीम का भंडारण और उसकी तस्करी कर रहे हैं। इसी सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।
रात में छापेमारी कर आरोपी को दबोचा गया
सूचना की पुष्टि के बाद सिमरिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने रणनीति बनाकर देर रात सिकीदाग गांव में दबिश दी।
पुलिस ने गांव में पहुंचकर आरोपी के घर को चारों ओर से घेर लिया और बिना किसी देरी के तलाशी अभियान शुरू किया। अचानक हुई इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने घर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की ताकि किसी भी तरह का अवैध सामान छिपाया न जा सके।
2 किलो से अधिक अफीम बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस को घर के भीतर छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में अफीम मिली। बरामद अफीम का वजन लगभग 2.132 किलोग्राम बताया गया है। पुलिस के अनुसार यह अफीम कच्ची और गीली अवस्था में थी, जिसे आगे प्रोसेस कर अवैध व्यापार में इस्तेमाल किया जाना था।
बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 11 लाख रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में मादक पदार्थों का अवैध नेटवर्क सक्रिय था।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से ही मुख्य आरोपी रविन्द्र रविदास को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी इस अफीम की सप्लाई किन-किन इलाकों में करता था और उसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है।
एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी विशेष टीम
इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी सिमरिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा की गई। उनके नेतृत्व में एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाई गई थी, जिसे सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
टीम ने पूरी योजना के साथ गांव में प्रवेश किया और किसी भी तरह की भनक आरोपी को नहीं लगने दी। पुलिस की इस रणनीति को सफल और प्रभावी कार्रवाई माना जा रहा है।
नशे के कारोबार पर पुलिस की सख्ती
चतरा जिला पुलिस पिछले कुछ समय से अवैध अफीम और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अफीम की खेती और उसकी तस्करी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिसे रोकने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
ग्रामीण इलाकों में फैलता अवैध नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, झारखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में अफीम की अवैध खेती और तस्करी का नेटवर्क फैला हुआ है। यह नेटवर्क स्थानीय किसानों और युवाओं को भी इस अवैध कारोबार में शामिल करने की कोशिश करता है।
हालांकि पुलिस की लगातार कार्रवाई से ऐसे नेटवर्क पर दबाव बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी कई इलाकों में यह समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के साथ और कौन लोग इस नेटवर्क में शामिल हैं।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि यह अफीम कहां से लाई गई थी और इसे किन राज्यों या क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था।











