चुनाव आयोग ने बढ़ाई SIR की तारीख, यूपी समेत इन राज्यों में हुआ समय सीमा में विस्तार

चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तारीखों में बदलाव किया। यूपी, तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में समय सीमा बढ़ाई गई।

चुनाव आयोग ने यूपी, तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में SIR की समय सीमा बढ़ाई। नए मतदाता फॉर्म 6 भरकर अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं।

New Delhi: चुनाव आयोग ने गुरुवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यह संशोधित शेड्यूल तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के लिए लागू होगा। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, यह फैसला कई राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) द्वारा समय सीमा बढ़ाने के अनुरोध के बाद लिया गया।

चुनाव आयोग का यह कदम उन राज्यों में मतदाता सूची की सटीकता और सभी योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करने के प्रयासों का हिस्सा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता गणना और विशेष सत्यापन कार्य को उचित समय देना जरूरी है, ताकि किसी भी मतदाता को सूची से छूट न जाए।

SIR की नई तारीखें और विस्तार

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, तमिलनाडु और गुजरात को अब 14 दिसंबर की बजाय 19 दिसंबर तक अपना SIR जमा करना होगा। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह को 18 दिसंबर की जगह 23 दिसंबर तक का समय दिया गया है। उत्तर प्रदेश अब 26 दिसंबर की बजाय 31 दिसंबर तक SIR जमा कर सकेगा।

इस विस्तार से राज्य निर्वाचन अधिकारियों को अधिक समय मिलेगा ताकि वे घर-घर जाकर मतदाता गणना (एन्यूमरेशन) का काम सही तरीके से कर सकें। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नए मतदाता और फॉर्म 6 भरने वाले लोग अंतिम मतदाता सूची में शामिल हों।

अन्य राज्यों में अंतिम चरण

बयान के अनुसार, गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में मतदाता गणना की अवधि गुरुवार को समाप्त होगी और इन राज्यों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 दिसंबर को जारी की जाएगी।

केरल के लिए भी पहले ही SIR कार्यक्रम संशोधित किया जा चुका है। राज्य में मतदाता गणना की अवधि 18 दिसंबर को समाप्त होगी और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 23 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी। चुनाव आयोग का यह कदम सभी राज्यों में समान रूप से प्रक्रिया को समयबद्ध और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

फॉर्म 6 से मतदाता सूची में नाम जोड़ें

चुनाव आयोग ने नए मतदाताओं और उन लोगों को जो पहले सूची में नहीं थे, उन्हें फॉर्म 6 भरने और इसे ब्लॉक स्तर के अधिकारियों (BLOs) को जमा करने के लिए प्रेरित किया है। इसके अलावा मतदाता ECINet ऐप या आयोग की वेबसाइट के माध्यम से भी फॉर्म 6 ऑनलाइन भर सकते हैं।

फॉर्म 6 भरने वाले लोग अपनी पात्रता और विवरण सही तरीके से दर्ज कराएं, ताकि उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके। यह सूची अगले वर्ष फरवरी में प्रकाशित होगी और सभी राज्यों में होने वाले चुनावों के लिए आधारभूत दस्तावेज़ का काम करेगी।

चुनाव आयोग का उद्देश्य

चुनाव आयोग ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि किसी भी योग्य मतदाता को सूची से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए। आयोग ने यह भी कहा कि सभी मतदाताओं को अपने नाम की पुष्टि करनी चाहिए और किसी भी प्रकार की गलती या छूट को तुरंत सुधारा जाना चाहिए।

इस प्रक्रिया के तहत आयोग ने सभी राज्यों में मतदाता जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है। BLOs और निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे घर-घर जाकर मतदाता सूची की पुष्टि करें और लोगों को फॉर्म 6 भरने के लिए प्रेरित करें।

मतदाता सूची में नाम शामिल होने के फायदे

मतदाता सूची में नाम होना हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार की पुष्टि करता है। यह उन्हें चुनाव में मतदान का अधिकार देता है और उनकी भागीदारी से लोकतंत्र मजबूत होता है। आयोग ने कहा कि फॉर्म 6 भरने की प्रक्रिया सरल और तेज है। ऑनलाइन आवेदन और BLO के माध्यम से आवेदन के विकल्प इसे सभी के लिए सुलभ बनाते हैं।

साथ ही आयोग ने सभी राज्य सरकारों से अपील की है कि वे मतदाता सूची की जांच और सत्यापन में सहयोग करें ताकि किसी भी नागरिक को उसके अधिकार से वंचित नहीं किया जा सके।

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