CJP Protest 2026: शिवाजी पार्क में प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, दिल्ली मेट्रो बंद होने पर उठाया सवाल

CJP Protest 2026 से पहले अभिजीत दीपके ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन पर लगी पाबंदियों को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने दिल्ली में 11 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई के शिवाजी पार्क में आंदोलन करने जा रहे अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर सवाल उठाए हैं।

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस की पाबंदियों और विरोध प्रदर्शन की अनुमति को लेकर सवाल उठाए हैं। मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दीपके ने सोशल मीडिया पर दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान लागू की गई पाबंदियों का हवाला देते हुए सवाल किया कि अगर शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन से आम लोगों को असुविधा होने की बात कही जाती है, तो दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने को किस तरह देखा जाना चाहिए।

मुंबई पुलिस ने CJP को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद संगठन ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है। दीपके ने पहले ही प्रदर्शन को ‘जेल भरो आंदोलन’ के रूप में आयोजित करने की घोषणा की थी।

दिल्ली में प्रदर्शन और मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में भी 2 अक्टूबर को प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली मेट्रो ने कम से कम 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद किया। इनमें जनपथ, मंडी हाउस, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और नई दिल्ली जैसे स्टेशन शामिल रहे। कुछ प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा जारी रखी गई।

प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की संख्या 500 से 700 के बीच बताई गई है। इनमें छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी शामिल रहे।

CJP के संस्थापक ने इसी घटनाक्रम को आधार बनाकर मुंबई में प्रदर्शन पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर सवाल उठाया है। उनका तर्क है कि अगर एक जगह प्रदर्शन को सार्वजनिक असुविधा के आधार पर प्रतिबंधित किया जा रहा है, तो दूसरे शहर में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक परिवहन पर लगाए गए प्रतिबंधों को भी उसी नजरिए से देखा जाना चाहिए।

शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की तैयारी

मुंबई में CJP का प्रदर्शन शिवाजी पार्क में 4 बजे शुरू करने की योजना है। पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद संगठन ने अपने समर्थकों से वहां पहुंचने की अपील की है। प्रदर्शन से पहले शिवाजी पार्क के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई और पुलिस बल की तैनाती की गई। CJP ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि प्रदर्शन शुरू होने के निर्धारित समय से पहले ही समर्थक शिवाजी पार्क के आसपास पहुंचने लगे हैं। संगठन ने इसे गांधी जयंती के मौके पर आयोजित अपने आंदोलन का महत्वपूर्ण चरण बताया है।

दीपके ने पहले कहा था कि पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद संगठन अपने आंदोलन को जारी रखेगा। उन्होंने अनुमति से इनकार को लेकर सवाल उठाते हुए कहा था कि सत्ता के खिलाफ होने वाले आंदोलनों को अनुमति मिलने की उम्मीद हमेशा नहीं की जा सकती।

CJP की प्रमुख मांगें क्या हैं?

CJP का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है। संगठन ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए हैं। इसके अलावा CJP विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया को रोकने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग कर रही है।

इन मांगों को लेकर संगठन ने मुंबई से आंदोलन शुरू करने की योजना बनाई है। रिपोर्टों के मुताबिक, CJP का आंदोलन आगे देश के दूसरे हिस्सों तक ले जाने और बाद में दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचाने की योजना है।

प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था

मुंबई में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। दूसरी ओर, CJP ने अपने समर्थकों के लिए कानूनी सहायता की व्यवस्था करने की बात कही है। संगठन ने दावा किया है कि प्रदर्शन के दौरान यदि किसी समर्थक को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया जाता है, तो उसे कानूनी मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

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