'CM इस्तीफा दे…' BJP नेता ने उमर अब्दुल्ला के खिलाफ की शिकायत, लगाया आचार संहिता उल्लंघन का आरोप

जम्मू-कश्मीर की सियासत में नया विवाद—BJP नेता ने उमर अब्दुल्ला के खिलाफ ‘CM इस्तीफा दे’ बयान को लेकर चुनाव आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई। जानिए मामला

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में इस समय हलचल तेज़ हो गई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है। 

श्रीनगर: बड़गाम विधानसभा के उपचुनाव में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पहले से ही पार्टी के बागी सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी की नाराजगी झेल रहे मुख्यमंत्री अब भाजपा की शिकायत के कारण नई परेशानी में हैं। बुधवार को बड़गाम से भाजपा उम्मीदवार आगा सैयद मोहसिन ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। 

भाजपा विधायक दल के नेता सुनील शर्मा ने कहा कि बड़गाम और नगरोटा विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हो रहे हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री ने मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से विधानसभा में बड़गाम में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) के अस्थायी कैंपस की स्थापना और वहां कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की है।

BJP ने चुनाव आयोग में की औपचारिक शिकायत

बड़गाम विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार आगा सैयद मोहसिन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के समक्ष एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। मोहसिन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने चुनावी प्रचार के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए बड़गाम में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLIU) के अस्थायी कैंपस की घोषणा की। उनका आरोप है कि यह घोषणा पूरी तरह राजनीतिक लाभ के लिए की गई है।

उन्होंने कहा, यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री ने लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना की घोषणा मतदाताओं को अपनी पार्टी के पक्ष में प्रभावित करने के लिए की है। यह आदर्श आचार संहिता का सीधा उल्लंघन है। मैंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि उमर अब्दुल्ला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

सुनील शर्मा का बयान – "उमर अब्दुल्ला को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए"

भाजपा विधायक दल के नेता सुनील शर्मा ने उमर अब्दुल्ला पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा के भीतर बड़गाम में लॉ यूनिवर्सिटी की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की, जबकि वहां आदर्श चुनाव आचार संहिता पहले से लागू है। उन्होंने कहा,

'मुख्यमंत्री का यह बयान चुनावी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्हें नैतिकता के आधार पर तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो भाजपा इस मामले को राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग तक ले जाएगी और कार्रवाई की मांग करेगी।'

शर्मा ने यह भी कहा कि भाजपा जल्द ही भारत के निर्वाचन आयोग (ECI) में एक अलग शिकायत दर्ज कराएगी ताकि निष्पक्ष जांच हो सके और आचार संहिता की पवित्रता बनी रहे।

बड़गाम उपचुनाव में बढ़ी राजनीतिक गर्मी

बड़गाम और नगरोटा विधानसभा क्षेत्रों में 11 नवंबर को मतदान होना है। इन दोनों सीटों पर चुनाव से पहले ही नेकां (National Conference) के भीतर असंतोष की स्थिति बन गई थी। पार्टी के बागी सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी पहले ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से नाराज़ चल रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच आरक्षण नीति, स्थानीय विकास और राजनीतिक रणनीति को लेकर मतभेद सामने आ चुके हैं।

दो दिन पहले रुहुल्ला के समर्थकों ने श्रीनगर और बड़गाम में मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। ऐसे में अब भाजपा की शिकायत ने उमर की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में अपनी सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की घोषणा किसी चुनावी लाभ के लिए नहीं की है।

कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन बट द्वारा उठाए गए प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 50 लाख रुपये का बजट पहले ही मौजूदा वित्तीय वर्ष में स्वीकृत किया है।

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