पोंगल के अवसर पर तमिलनाडु सरकार ने गुरुवार को राज्यभर के 2.22 करोड़ राशन कार्डधारकों के लिए नकद राशि और उपहार पैक देने वाली एक विशाल कल्याण योजना की शुरुआत की।
चेन्नई: तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने जनता को बड़ी राहत देते हुए एक अहम राजनीतिक और कल्याणकारी कदम उठाया है। पोंगल पर्व 2026 के अवसर पर डीएमके सरकार ने राज्य के 2 करोड़ 22 लाख राशन कार्डधारक परिवारों को ₹3,000 नकद सहायता के साथ विशेष पोंगल गिफ्ट हैम्पर देने की घोषणा की है। इस योजना पर सरकार 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर रही है, जिसे चुनावी साल में एक बड़े दांव के रूप में देखा जा रहा है।
पोंगल गिफ्ट योजना का औपचारिक शुभारंभ
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस महत्त्वाकांक्षी योजना का औपचारिक शुभारंभ चेन्नई के नजरेथपेट्टै स्थित आलंदूर क्षेत्र की एक राशन दुकान से किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पोंगल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि तमिल संस्कृति और किसानों के सम्मान का प्रतीक है, और सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का हर परिवार इस पर्व को सम्मान और खुशी के साथ मना सके।
क्या-क्या मिलेगा पोंगल गिफ्ट हैम्पर में?
तमिलनाडु सरकार की इस पोंगल योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को निम्नलिखित सामग्री दी जा रही है:
- ₹3,000 नकद सहायता
- 1 किलो कच्चा चावल
- 1 किलो चीनी
- 1 गन्ना
यह पूरी सहायता सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से राज्य की सभी राशन दुकानों से वितरित की जा रही है।

कैसे और कब मिलेगा पोंगल गिफ्ट?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, पोंगल गिफ्ट हैम्पर का वितरण गुरुवार से राज्यभर में शुरू हो चुका है। लाभार्थियों को पहले से जारी टोकन और समय स्लॉट के अनुसार अपनी संबंधित राशन दुकानों पर जाकर यह पैकेट प्राप्त करना होगा। सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने बताया कि चावल और चीनी की आपूर्ति सभी राशन दुकानों तक पूरी कर दी गई है। वहीं, गन्ने की आपूर्ति लगभग 50 से 80 प्रतिशत दुकानों तक पहुंच चुकी है। शेष गन्ना जिला प्रशासन के माध्यम से जल्द पहुंचाया जा रहा है ताकि सभी को ताज़ा गन्ना मिल सके।
पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह जल्दी काम पर निकलने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई राशन दुकानों को सुबह 6 बजे से खोलने का निर्णय लिया गया है। इससे भीड़ कम करने और सुचारू वितरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
भीड़ नियंत्रण और वितरण में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। राशन दुकानों के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई है, खासकर उन इलाकों में जहां एक से अधिक दुकानें हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को पोंगल वितरण की समाप्ति तक अवकाश न लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, पिछले वर्षों में बचे हुए धोती और साड़ी के सरकारी स्टॉक को भी उन इलाकों में दोबारा वितरित किया जाएगा, जहां इसकी मांग है।
गौरतलब है कि पिछले सालों में पोंगल के अवसर पर सरकार द्वारा केवल ₹1,000 नकद सहायता दी जाती थी। लेकिन इस बार, विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस राशि को तीन गुना बढ़ाकर ₹3,000 कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम सीधे तौर पर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को साधने की रणनीति का हिस्सा है।









