रोहड़ू में CM सुक्खू का कार्यक्रम, देर रात तक लोगों से मिले; वीरभद्र सिंह के पुराने गढ़ में जुटी बड़ी भीड़

रोहड़ू दौरे पर CM सुक्खू के कार्यक्रम में बड़ी भीड़ जुटी। विक्रमादित्य और प्रतिभा सिंह मौजूद नहीं थे। सुक्खू ने देर रात तक लोगों की समस्याएं सुनीं।
रोहड़ू में CM सुक्खू का कार्यक्रम, देर रात तक लोगों से मिले; वीरभद्र सिंह के पुराने गढ़ में जुटी बड़ी भीड़
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के रोहड़ू दौरे के दौरान बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचे। रोहड़ू को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पुरानी राजनीतिक कर्मभूमि माना जाता रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देर रात तक लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुनीं और स्थानीय लोगों से सीधे संवाद किया। कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की भी मौजूदगी रही।

इस दौरे की खास बात यह रही कि कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह मौजूद नहीं थे। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, विक्रमादित्य सिंह विदेश दौरे पर हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचे। भीड़ और लोगों के साथ मुख्यमंत्री के संवाद को लेकर हिमाचल के राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हुई है।

रोहड़ू का राजनीतिक इतिहास काफी महत्वपूर्ण रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह इस क्षेत्र से लगातार पांच बार विधायक रहे। उन्होंने 1990, 1993, 1998, 2003 और 2007 के विधानसभा चुनाव में रोहड़ू से जीत दर्ज की थी। बाद में परिसीमन के कारण यह सीट आरक्षित हो गई और वीरभद्र सिंह ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा।

ऐसे क्षेत्र में मुख्यमंत्री सुक्खू का दौरा राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बना। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से केवल औपचारिक मुलाकात नहीं की, बल्कि काफी देर तक उनके बीच मौजूद रहे। लोगों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं और सुक्खू ने उन्हें सुना। देर रात तक लोगों से मुलाकात का सिलसिला जारी रहा।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में स्थानीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। सुक्खू ने लोगों के साथ नाटी डाली और स्थानीय गीत 'रोहड़ू जाणा मेरी आमिएं' भी गुनगुनाया। इससे कार्यक्रम का माहौल और अधिक सहज हो गया। मुख्यमंत्री के इस अंदाज का वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित होने की बात रिपोर्ट में कही गई है।

रोहड़ू से कांग्रेस विधायक मोहन लाल ब्राक्टा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उन्हें सुक्खू सरकार में मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया था। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, ब्राक्टा को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का करीबी माना जाता रहा है। ऐसे में रोहड़ू में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व और लोगों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना गया।

यह रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री सुक्खू का दूसरा बड़ा प्रवास बताया गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के तहत डोडरा-क्वार पहुंचे थे। लगातार दूसरे बड़े कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री के रोहड़ू क्षेत्र में पहुंचने और लोगों के साथ संवाद करने से यह इलाका एक बार फिर प्रदेश की राजनीतिक चर्चा में आया है।

रोहड़ू लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति का महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। वीरभद्र सिंह के बाद यहां कांग्रेस की राजनीतिक पकड़ को मोहन लाल ब्राक्टा ने आगे बढ़ाया। वर्ष 2012 में ब्राक्टा ने रोहड़ू से चुनाव जीता और 2022 में भी कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। इस राजनीतिक पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री सुक्खू के कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की भागीदारी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक चर्चाएं सामने आ रही हैं।

हालांकि किसी एक कार्यक्रम में जुटी भीड़ को किसी नेता की लोकप्रियता का अंतिम पैमाना नहीं माना जा सकता। फिर भी मुख्यमंत्री का देर रात तक लोगों के बीच रहना, उनकी समस्याएं सुनना और स्थानीय संस्कृति से जुड़ना इस दौरे की प्रमुख बातें रहीं। जागरण ने भी रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया है कि कार्यक्रम की भीड़ और लोगों की भागीदारी के बाद सुक्खू की स्थानीय स्वीकार्यता को लेकर चर्चा तेज हुई है।

वीरभद्र सिंह के राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र में मुख्यमंत्री सुक्खू का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब हिमाचल कांग्रेस की राजनीति में संगठन और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होती रही है। हालांकि रोहड़ू के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राजनीतिक बयानबाजी के बजाय लोगों से सीधे संवाद और उनकी समस्याएं सुनने पर ज्यादा ध्यान दिया।

मुख्यमंत्री के साथ स्थानीय लोगों की बातचीत में क्षेत्र से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं। लोगों ने अपनी-अपनी जरूरतों और परेशानियों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। सुक्खू ने लोगों की बात सुनी और संबंधित मामलों पर अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही।

कार्यक्रम में महिलाओं और बुजुर्गों के साथ बच्चों की मौजूदगी भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने लोगों के बीच काफी समय बिताया। सामान्य तौर पर बड़े राजनीतिक कार्यक्रम निर्धारित समय के बाद समाप्त हो जाते हैं, लेकिन रोहड़ू में मुख्यमंत्री देर रात तक लोगों से मिलते रहे। यही वजह रही कि कार्यक्रम में आए लोग काफी देर तक मुख्यमंत्री से अपनी बात रखने का इंतजार करते रहे।

रोहड़ू में मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से चर्चा में रहा। एक ओर मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं, वहीं दूसरी ओर नाटी में शामिल होकर स्थानीय संस्कृति के साथ जुड़ाव दिखाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और मुख्यमंत्री का देर तक रुकना इस दौरे की प्रमुख तस्वीर रही।

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