CM योगी ने SIR मुद्दे पर विपक्ष को घेरा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सवाल उठाने को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

CM योगी आदित्यनाथ ने SIR को लेकर विपक्ष की आलोचना की और CEC पर सवाल उठाने को गैर-जिम्मेदाराना बताया। विपक्ष ने ECI से पारदर्शिता की मांग की।

लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIR को लेकर विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सवाल उठाने को गैर-जिम्मेदाराना बताया और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर विपक्ष के सवालों पर आपत्ति जताई।

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIR को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सवाल उठाना गैर-जिम्मेदाराना है। योगी ने विपक्षी दलों से लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने को लेकर जनता से माफी मांगने की बात कही। वहीं, उत्तर प्रदेश में SIR को लेकर विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग के कामकाज में अधिक पारदर्शिता की मांग भी सामने आई है।

SIR को लेकर CM योगी ने विपक्ष के रुख पर उठाए सवाल

लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों के रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर विपक्ष का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सवाल उठाने को गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया।

योगी ने कहा कि भारत की चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी है और विपक्षी दलों को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों को देखना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी।

विपक्ष से जनता से माफी मांगने को कहा

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को लोकतंत्र पर सवाल उठाने को लेकर जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने चुनाव व्यवस्था को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं को अनुचित बताया।

यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। कांग्रेस नेताओं ने हाल ही में चुनाव आयोग के कामकाज, मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति और SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं।

SIR प्रक्रिया को लेकर जारी है राजनीतिक बहस

उत्तर प्रदेश में SIR से संबंधित आधिकारिक सूचनाएं चुनाव अधिकारियों की ओर से जारी की जा रही हैं। लखनऊ जिला प्रशासन की वेबसाइट पर SIR-2026 से जुड़े दस्तावेज और मतदाता सूची में नो-मैपिंग तथा तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं की जानकारी उपलब्ध है।

ऐसे में SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर दिया, वहीं विपक्षी नेताओं ने आयोग के कामकाज और SIR से जुड़े निर्णयों में अधिक सार्वजनिक जानकारी की मांग की है।

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