देहरादून में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, भूस्खलन से कई सड़कें बंद, किसानों की बढ़ी परेशानी

देहरादून के जौनसार क्षेत्र में भारी बारिश और भूस्खलन से कई सड़कें बंद हैं। किसानों की फसलें मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहीं, राहत कार्य जारी है।

देहरादून के जौनसार क्षेत्र में लगातार बारिश और भूस्खलन से कई सड़कें बंद हो गई हैं। आवाजाही प्रभावित होने के साथ किसानों को सब्जियां और अन्य नकदी फसलें समय पर मंडियों तक पहुंचाने में कठिनाई हो रही है।

देहरादून: उत्तराखंड के जौनसार क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश के कारण कई प्रमुख और ग्रामीण सड़कें भूस्खलन की चपेट में आ गई हैं। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग मार्गों को जल्द खोलने के लिए राहत कार्य में जुटा हुआ है।

जौनसार क्षेत्र में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

देहरादून जिले के जौनसार क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बीती रात से जारी तेज बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे प्रमुख सड़कों के साथ-साथ ग्रामीण संपर्क मार्ग भी मलबे से भर गए। कई इलाकों में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई, जिसके कारण लोगों को रोजमर्रा के कामकाज के लिए भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में जगह-जगह मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गईं। इससे स्थानीय लोगों के साथ स्कूल, कॉलेज जाने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से अस्थायी रूप से टूट गया, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।

सड़कें बंद होने से किसानों की बढ़ी चिंता

भारी बारिश और भूस्खलन का सबसे ज्यादा असर स्थानीय किसानों पर पड़ा है। जौनसार क्षेत्र की अर्थव्यवस्था काफी हद तक कृषि और बागवानी पर आधारित है। इस समय किसान सब्जियों और अन्य नकदी फसलों की बिक्री के लिए मंडियों पर निर्भर हैं, लेकिन सड़कें बंद होने के कारण वे अपनी उपज समय पर बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।

कालसी-चकराता मुख्य मोटर मार्ग, हरिपुर-इच्छाड़ी मार्ग, खारसी संपर्क मार्ग, परियाड-सिमोग मार्ग और कोठा बैंड-चंदोऊ-सैंज सड़क समेत कई प्रमुख रास्ते मलबे के कारण बाधित हो गए हैं। परिवहन व्यवस्था ठप होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाने की आशंका है। कई किसानों का कहना है कि यदि सड़कें जल्द नहीं खुलीं तो ताजी सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद खराब हो सकते हैं, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा।

इसके अलावा कई ग्रामीण क्षेत्रों में दूध, फल और अन्य कृषि उत्पादों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण बाजार तक सामान पहुंचाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।

राहत कार्य में जुटा लोक निर्माण विभाग

लोक निर्माण विभाग (PWD) ने स्थिति को देखते हुए राहत और बहाली का काम तेज कर दिया है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कालसी-चकराता स्टेट हाईवे को प्राथमिकता के आधार पर साफ कर यातायात के लिए खोल दिया गया है, ताकि मुख्य मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सके। वहीं अन्य ग्रामीण सड़कों से मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनें और कर्मचारियों की टीमें लगातार काम कर रही हैं।

अधिकारियों के अनुसार लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्य में कुछ चुनौतियां आ रही हैं, क्योंकि कई स्थानों पर मलबा हटाने के बाद दोबारा भूस्खलन हो रहा है। इसके बावजूद विभाग सभी प्रभावित मार्गों को जल्द से जल्द खोलने का प्रयास कर रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल जरूरी होने पर ही पहाड़ी मार्गों का उपयोग करें।

प्रशासन ने लोगों से बरतने को कहा सतर्कता

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।

अधिकारियों ने लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। साथ ही किसानों और ग्रामीणों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील भी की गई है। लगातार बारिश के बीच प्रशासन का लक्ष्य जल्द से जल्द सभी प्रभावित मार्गों को बहाल कर जनजीवन को सामान्य करना है।

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