देवघर: झारखंड के देवघर एयरपोर्ट से गुवाहाटी के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू हो गई है। नई फ्लाइट सेवा शुरू होने के साथ ही देवघर और पूर्वोत्तर भारत के बीच हवाई कनेक्टिविटी और मजबूत हो गई है। देवघर एयरपोर्ट पर गुवाहाटी से पहुंची पहली उड़ान का वाटर सैल्यूट के साथ भव्य स्वागत किया गया। पहली फ्लाइट के एयरपोर्ट पर पहुंचते ही यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मियों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस नई सेवा से बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर से असम और पूर्वोत्तर के यात्रियों के लिए आवाजाही पहले के मुकाबले काफी आसान होने की उम्मीद है।
देवघर और गुवाहाटी के बीच यह सीधी सेवा इंडिगो की ओर से शुरू की गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शुरुआती दौर में यह उड़ान सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को संचालित होगी। गुवाहाटी से फ्लाइट सुबह 9:25 बजे उड़ान भरकर करीब 11:20 बजे देवघर पहुंचेगी। इसके बाद देवघर से फ्लाइट सुबह 11:50 बजे गुवाहाटी के लिए रवाना होगी और दोपहर करीब 1:35 बजे गुवाहाटी पहुंचेगी। इस समय-सारिणी से यात्रियों को एक ही दिन में दोनों शहरों के बीच सफर करने की सुविधा मिलेगी।
नई हवाई सेवा शुरू होने से देवघर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी में एक और महत्वपूर्ण शहर जुड़ गया है। अब तक देवघर से देश के कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें संचालित होती रही हैं, लेकिन गुवाहाटी से सीधा जुड़ाव होने से पूर्वोत्तर भारत के साथ संपर्क का एक नया रास्ता खुल गया है। इससे केवल यात्रियों को ही सुविधा नहीं मिलेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन, व्यापार, शिक्षा, नौकरी और पारिवारिक यात्राओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
देवघर एयरपोर्ट पर पहली उड़ान के पहुंचने के मौके को खास बनाने के लिए उसका वाटर सैल्यूट के साथ स्वागत किया गया। विमान के रनवे पर पहुंचते ही फायर टेंडरों से पानी की बौछार कर स्वागत किया गया। इस दौरान एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला। पहली उड़ान से पहुंचे यात्रियों के लिए भी यह अनुभव खास रहा। एयरपोर्ट पर नई सेवा के शुरू होने को लेकर खुशी का माहौल रहा।
देवघर को धार्मिक नगरी के रूप में देशभर में पहचान मिली हुई है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर में दर्शन के लिए झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और देश के अन्य हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। अब गुवाहाटी से सीधी उड़ान शुरू होने के बाद असम और पूर्वोत्तर के अन्य इलाकों से आने वाले यात्रियों को देवघर पहुंचने के लिए लंबा सड़क या रेल सफर करने की जरूरत कम होगी। सीधे विमान से देवघर पहुंचकर श्रद्धालु कम समय में बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा कर सकेंगे।
इसी तरह देवघर से गुवाहाटी जाने वाले यात्रियों को भी पहले किसी दूसरे एयरपोर्ट के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सीधी उड़ान मिलने से यात्रा का समय कम होगा और कनेक्टिविटी अधिक सुविधाजनक होगी। खासकर नौकरी, कारोबार, शिक्षा और जरूरी काम से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह सेवा उपयोगी साबित हो सकती है।
नई फ्लाइट सेवा के शुरू होने की जानकारी सामने आने के बाद से ही यात्रियों में उत्सुकता थी। फ्लाइट की बुकिंग भी शुरू की गई थी। शुरुआती किराया करीब 3,799 रुपये बताया गया है, हालांकि वास्तविक किराया यात्रा की तारीख, सीट उपलब्धता और बुकिंग के समय के अनुसार बदल सकता है। यात्रियों को यात्रा से पहले एयरलाइन की आधिकारिक बुकिंग व्यवस्था पर किराया और समय की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।
देवघर-गुवाहाटी सीधी उड़ान को क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देवघर एयरपोर्ट की स्थापना के बाद यहां से धीरे-धीरे देश के कई प्रमुख शहरों के लिए हवाई सेवाओं का विस्तार हुआ है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पटना, रांची और बेंगलुरु जैसे शहरों से कनेक्टिविटी के बाद अब गुवाहाटी का जुड़ना देवघर एयरपोर्ट के नेटवर्क को और विस्तृत करता है।
देवघर एयरपोर्ट केवल झारखंड के यात्रियों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि संताल परगना और आसपास के बिहार तथा पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों के यात्रियों के लिए भी यह एक अहम एयर कनेक्टिविटी केंद्र बन रहा है। गुवाहाटी की सीधी उड़ान से इन क्षेत्रों के यात्रियों को भी फायदा मिल सकता है। उन्हें गुवाहाटी जाने के लिए रांची, कोलकाता या पटना जैसे दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करनी होगी।
व्यापार के लिहाज से भी इस सेवा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। झारखंड और पूर्वोत्तर के बीच व्यापारिक संपर्क बढ़ने के साथ कारोबारी यात्रियों को तेज यात्रा सुविधा मिलेगी। किसी कारोबारी या संस्थान से जुड़े व्यक्ति के लिए सड़क या ट्रेन से लंबी यात्रा करने के बजाय सीधी फ्लाइट का विकल्प समय बचाने वाला हो सकता है। इससे आने वाले समय में दोनों क्षेत्रों के बीच व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। झारखंड और पूर्वोत्तर के कई विद्यार्थी अलग-अलग शहरों में पढ़ाई करते हैं। ऐसे में सीधी हवाई सेवा से छात्रों और उनके परिवारों को यात्रा में सुविधा मिल सकती है। इसी तरह नौकरी करने वाले लोगों और अपने परिवार से मिलने के लिए यात्रा करने वालों के लिए भी यह सेवा उपयोगी होगी।
धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से देवघर-गुवाहाटी उड़ान का महत्व और बढ़ जाता है। देवघर बाबा बैद्यनाथ धाम के कारण देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जबकि गुवाहाटी और असम भी धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध हैं। गुवाहाटी में कामाख्या मंदिर समेत कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। ऐसे में दोनों शहरों के बीच सीधा हवाई संपर्क शुरू होने से धार्मिक यात्राओं को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
देवघर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। लंबी दूरी की यात्रा में कई घंटे या कभी-कभी पूरा दिन लग जाता है। सीधी उड़ान के कारण यात्रा का समय काफी कम हो सकता है। इससे बाहर के राज्यों से आने वाले श्रद्धालु कम समय में देवघर पहुंचकर दर्शन कर सकेंगे और अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकेंगे।
दूसरी ओर, देवघर और आसपास के इलाकों के लोग भी अब गुवाहाटी और पूर्वोत्तर की यात्रा आसानी से कर सकेंगे। परिवार से मिलने, कारोबार, पर्यटन या अन्य जरूरी काम के लिए गुवाहाटी जाने वाले यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट की परेशानी कम होगी। सीधे रूट का सबसे बड़ा फायदा यही है कि यात्रा में अनावश्यक ठहराव कम होता है।
देवघर एयरपोर्ट की बढ़ती हवाई कनेक्टिविटी से स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। होटल, टैक्सी, टूर ऑपरेटर, रेस्टोरेंट और अन्य सेवा क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को बाहर से आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने का लाभ मिल सकता है। अगर नई उड़ान सेवा को यात्रियों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है तो भविष्य में उड़ानों की संख्या बढ़ने की संभावना भी बन सकती है।
फिलहाल यह सेवा सप्ताह में दो दिन संचालित की जा रही है। मंगलवार और शुक्रवार को उड़ान मिलने से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना उसी हिसाब से बनानी होगी। यात्रियों की संख्या और मांग के आधार पर भविष्य में एयरलाइन सेवा के विस्तार पर विचार कर सकती है। फिलहाल दो दिन की सेवा से शुरुआत की गई है।
गुवाहाटी से आने वाली फ्लाइट के देवघर पहुंचने पर वाटर सैल्यूट किया जाना इस नई कनेक्टिविटी की शुरुआत को यादगार बना गया। विमान को पानी की बौछारों के बीच रनवे पर स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने इस मौके को नई शुरुआत के रूप में देखा। पहली उड़ान के यात्रियों के लिए भी यह स्वागत खास रहा।
देवघर एयरपोर्ट के लिए नई सीधी उड़ान सेवा शुरू होना इसलिए भी अहम है क्योंकि एयरपोर्ट लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। 2025 में यहां से रात में व्यावसायिक उड़ान संचालन भी शुरू हुआ था, जिससे एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता बढ़ी। अब गुवाहाटी जैसे पूर्वोत्तर के महत्वपूर्ण शहर से सीधा संपर्क जुड़ने से एयरपोर्ट की भूमिका और महत्वपूर्ण होती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि देवघर से गुवाहाटी की सीधी उड़ान काफी समय से उपयोगी साबित हो सकती थी। दोनों क्षेत्रों के बीच धार्मिक और सामाजिक संपर्क पहले से है। अब हवाई सेवा उपलब्ध होने से यह संपर्क और आसान हो जाएगा। खासकर बुजुर्ग यात्रियों और परिवार के साथ सफर करने वालों को लंबी सड़क यात्रा या कई ट्रेनों की परेशानी से राहत मिल सकती है।
यात्रियों को हालांकि यह ध्यान रखना होगा कि सप्ताह में केवल दो दिन उड़ान संचालित होने के कारण टिकट बुक करने से पहले फ्लाइट की तारीख और समय की पुष्टि कर लें। मौसम, परिचालन कारणों या अन्य परिस्थितियों के चलते उड़ान के समय में बदलाव संभव होता है। इसलिए एयरलाइन की ओर से जारी अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।
नई सेवा को लेकर देवघर के पर्यटन कारोबारियों में भी उम्मीद जगी है। उनका मानना है कि गुवाहाटी से सीधी कनेक्टिविटी मिलने के बाद पूर्वोत्तर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। अगर यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो होटल और परिवहन कारोबार को इसका सीधा फायदा मिल सकता है। देवघर में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन स्थलों को भी इससे बढ़ावा मिलने की संभावना है।
देवघर-गुवाहाटी हवाई सेवा सिर्फ दो शहरों को जोड़ने वाली फ्लाइट नहीं है, बल्कि यह झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। सीधी उड़ान से यात्रा आसान होगी, समय की बचत होगी और दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा। आने वाले समय में यदि इस रूट पर यात्रियों की संख्या अच्छी रहती है तो उड़ानों की संख्या बढ़ाने की संभावनाएं भी खुल सकती हैं।
फिलहाल देवघर एयरपोर्ट पर पहली गुवाहाटी फ्लाइट के वाटर सैल्यूट के साथ स्वागत के बाद नई हवाई सेवा की शुरुआत हो चुकी है। सप्ताह में दो दिन चलने वाली इस सेवा से देवघर और गुवाहाटी के बीच सीधा हवाई सफर संभव हो गया है। यात्रियों के लिए यह सुविधा धार्मिक यात्रा से लेकर व्यापार, शिक्षा, नौकरी और पर्यटन तक कई क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकती है। नई सेवा के शुरू होने से देवघर की हवाई कनेक्टिविटी को एक और बड़ी मजबूती मिली है।












