सावन का दूसरा सोमवार: देवघर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, श्रद्धालुओं की भीड़ ने तोड़े अब तक के सारे रिकॉर्ड

सावन की दूसरी सोमवारी पर देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ा। भारी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं ने बाबा का जलाभिषेक किया।
सावन का दूसरा सोमवार: देवघर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, श्रद्धालुओं की भीड़ ने तोड़े अब तक के सारे रिकॉर्ड
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देवघर में सावन की दूसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरा शहर शिवभक्ति में डूबा नजर आया। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में कांवड़ियों व श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। दूर-दराज से पहुंचे शिवभक्त बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भीड़ ने अब तक के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। 

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है और देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के प्रमुख शिव तीर्थों में शामिल है। श्रावणी मेले के दौरान सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर कांवड़िये पैदल देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करते हैं। देवघर जिला प्रशासन के अनुसार श्रावणी मेला पूरे सावन महीने चलने वाला प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

दूसरी सोमवारी के मौके पर सुबह से ही बाबा मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर भक्तों की भीड़ बढ़ती चली गई। भगवा कपड़ों में कांवड़िये, हाथों में गंगाजल और जुबान पर ‘बोल बम’ का जयघोष लिए आगे बढ़ते नजर आए। कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में शिवभक्त जत्थों में देवघर पहुंचे।

मंदिर के आसपास का पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया। कहीं कांवड़ियों के समूह जयकारे लगाते दिखे तो कहीं श्रद्धालु भजन और शिव स्तुति करते हुए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। भीड़ के कारण कई जगह रास्तों पर पैर रखने तक की जगह मुश्किल से मिल रही थी।

बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को निर्धारित कतारों से होकर मंदिर परिसर तक पहुंचाया गया। प्रशासन और सुरक्षा बलों की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखने की कोशिश की गई। श्रावणी मेले में सुरक्षा और निगरानी के लिए बड़े स्तर पर इंतजाम किए गए हैं। हालिया रिपोर्ट के अनुसार मेला क्षेत्र में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है।

दूसरी सोमवारी पर उमड़ी भीड़ ने देवघर की सड़कों से लेकर बाबा मंदिर परिसर तक माहौल को पूरी तरह शिवमय बना दिया। कांवड़ियों के जत्थे लगातार आगे बढ़ते रहे। श्रद्धालु एक-दूसरे का उत्साह बढ़ाते हुए ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारे लगाते रहे।

इस बार श्रावणी मेले को लेकर पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, पूरे सावन महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम में करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई गई थी। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

दूसरी सोमवारी के दिन श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक हुई बढ़ोतरी से शहर की गतिविधियों पर भी असर पड़ा। मंदिर की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर भक्तों की कतारें दिखाई दीं। स्थानीय दुकानदारों और सेवा शिविरों में भी काफी चहल-पहल रही। पूजा सामग्री, बेलपत्र, फूल, प्रसाद और अन्य धार्मिक सामान की मांग बढ़ी।

कांवड़ लेकर पहुंचे शिवभक्तों के चेहरे पर लंबी यात्रा की थकान के बावजूद उत्साह दिखाई दिया। कई कांवड़िये कई दिनों की पैदल यात्रा पूरी करके देवघर पहुंचे थे। बाबा के दरबार में जल चढ़ाने के बाद उनके चेहरों पर संतोष और खुशी नजर आई।

श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए। कई स्थानों पर पानी, शरबत, फल और प्रसाद की व्यवस्था की गई। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी कांवरियों की सेवा में हिस्सा लिया। भीड़ के बीच सेवा भावना का यह दृश्य भी मेले की खास तस्वीर बना रहा।

देवघर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों के लोग भी शामिल रहे। सावन की सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन का विशेष महत्व होने के कारण दूर-दराज से लोग यहां पहुंचे।

मंदिर परिसर में भक्तों ने बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने अपने परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य और मनोकामना पूरी होने के लिए बाबा से प्रार्थना की।

श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में बढ़ती भीड़ प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती होती है। भीड़ प्रबंधन, यातायात, स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर कई स्तर पर व्यवस्था की जाती है। इस बार भी प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

भीड़ के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को भी सक्रिय रखा गया है। हालिया आंकड़ों के अनुसार श्रावणी मेले के दौरान लगाए गए स्वास्थ्य शिविरों में हजारों श्रद्धालुओं का उपचार किया जा चुका है। इसके अलावा खोए हुए कांवड़ियों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए भी व्यवस्था की गई है।

बाबा बैद्यनाथ धाम में दूसरी सोमवारी की भीड़ ने एक बार फिर यह साबित किया कि सावन में देवघर श्रद्धालुओं के लिए कितना बड़ा आस्था केंद्र है। सुबह से लेकर दिनभर मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर भक्तों की भीड़ बनी रही। हर तरफ भगवा रंग और शिवभक्ति के जयकारे दिखाई और सुनाई देते रहे।

कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे हर साल सावन में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। कुछ कांवड़िये अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद बाबा को जल चढ़ाने पहुंचे थे। वहीं कई लोग पहली बार श्रावणी मेले में शामिल होने के लिए देवघर पहुंचे।

दूसरी सोमवारी के कारण मंदिर के आसपास के इलाकों में भी धार्मिक माहौल देखने को मिला। दुकानों पर पूजा सामग्री खरीदने वालों की भीड़ रही। होटल, धर्मशाला और अन्य ठहरने की जगहों पर भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी रही।

देवघर में उमड़ी यह भीड़ केवल धार्मिक आयोजन की तस्वीर नहीं है, बल्कि यहां की अर्थव्यवस्था और स्थानीय कारोबार पर भी इसका असर पड़ता है। सावन में देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों लोगों के पहुंचने से स्थानीय दुकानदारों, छोटे कारोबारियों, होटल और परिवहन से जुड़े लोगों को भी काम मिलता है।

प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और कतार में आगे बढ़ने की अपील की गई। भीड़ के दौरान धक्का-मुक्की से बचने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी जाती रही।

बाबा बैद्यनाथ धाम में सावन की दूसरी सोमवारी का दिन इस बार भी बेहद खास रहा। भक्तों की भारी संख्या, कांवड़ियों के जत्थे और लगातार गूंजते बोल बम के जयकारों ने देवघर को पूरी तरह शिवमय बना दिया।

कुल मिलाकर, सावन की दूसरी सोमवारी पर देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी। कांवड़ियों और शिवभक्तों ने लंबी कतारों में खड़े होकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिर से लेकर शहर की सड़कों तक हर ओर बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। प्रशासन ने भीड़ को संभालने, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विशेष इंतजाम किए।

नोट: ऊपर इस्तेमाल की गई तस्वीरें बाबा बैद्यनाथ धाम और वहां उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के प्रतिनिधि दृश्य हैं; ये जरूरी नहीं कि इसी दिन की तस्वीरें हों।

 

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