जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर एक युवक ट्रेन की छत पर चढ़कर चहल-कदमी कर रहा था। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया। करंट का जोरदार झटका लगते ही युवक ट्रेन की छत से नीचे गिर गया। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना रेलवे पुलिस और संबंधित कर्मचारियों को दी।
घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। युवक को ट्रेन की छत से नीचे गिरा देखकर लोग घबरा गए। रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था की।
बताया जा रहा है कि युवक किसी तरह ट्रेन की छत तक पहुंच गया था। वहां वह कुछ देर तक घूमता रहा। ट्रेन की छत पर मौजूदगी के दौरान ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तार के बेहद करीब पहुंचने पर वह करंट की चपेट में आ गया। रेलवे ट्रैक के ऊपर लगे ओवरहेड तारों में अत्यधिक वोल्टेज रहता है, जिसके संपर्क में आने पर गंभीर हादसा हो सकता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक के तार के संपर्क में आते ही जोरदार झटका लगा। करंट लगने के बाद वह अपना संतुलन खो बैठा और ट्रेन की छत से नीचे जा गिरा। अचानक हुए हादसे से वहां मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया। कुछ देर के लिए स्टेशन पर लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा से जुड़े कर्मचारी मौके पर पहुंचे। सबसे पहले यह सुनिश्चित किया गया कि हादसे के बाद किसी अन्य व्यक्ति को खतरा न हो। रेलवे के ओवरहेड विद्युत सिस्टम के कारण ऐसे मामलों में सुरक्षा के लिहाज से विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।
युवक को नीचे गिरने के बाद चोटें आईं। करंट लगने से वह झुलस भी गया। उसकी हालत कितनी गंभीर है, यह चिकित्सकीय जांच के बाद स्पष्ट होगा। उसे अस्पताल में भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में इलाज कराया जा रहा है।
हादसे की सूचना रेलवे पुलिस को भी दी गई। पुलिस ने घटना के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। युवक ट्रेन की छत पर किस तरह पहुंचा और वहां जाने का उसका उद्देश्य क्या था, इसकी भी जांच की जा रही है।
रेलवे अधिकारियों के सामने अब यह सवाल भी है कि युवक को ट्रेन की छत तक पहुंचने से रोका क्यों नहीं जा सका। स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और ट्रेनों के आसपास अनधिकृत रूप से लोगों की आवाजाही पर निगरानी की जाती है। इसके बावजूद युवक का ट्रेन की छत तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है।
रेलवे के ओवरहेड तारों से जुड़े हादसे बेहद खतरनाक होते हैं। कई बार तार को छुए बिना भी उसके नजदीक जाने पर विद्युत आर्क बन सकता है और व्यक्ति करंट की चपेट में आ सकता है। यही वजह है कि रेलवे ट्रैक या ट्रेन की छत पर चढ़ना जानलेवा साबित हो सकता है।
टाटानगर स्टेशन पर हुई इस घटना के बाद यात्रियों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई। लोगों का कहना था कि रेलवे परिसर में सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। किसी भी व्यक्ति को ट्रेन की छत पर चढ़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि वहां कुछ ही दूरी पर हाईटेंशन तार मौजूद होते हैं।
घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर रखी। ट्रेन और स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए कर्मचारियों ने जरूरी कदम उठाए। रेलवे पुलिस ने भी मौके की जानकारी ली और घटना से जुड़े तथ्यों को दर्ज किया।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि युवक स्टेशन पर किस रास्ते से पहुंचा और ट्रेन की छत पर चढ़ने के लिए उसने किस स्थान का इस्तेमाल किया। यदि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी सामने आती है तो उसे दूर करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।
टाटानगर रेलवे स्टेशन जमशेदपुर का प्रमुख रेलवे केंद्र है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। ऐसे व्यस्त स्टेशन पर किसी व्यक्ति का ट्रेन की छत पर पहुंच जाना गंभीर मामला माना जाता है। रेलवे प्रशासन की कोशिश रहती है कि यात्रियों को ट्रैक और ट्रेन के ऐसे हिस्सों से दूर रखा जाए जहां दुर्घटना का खतरा अधिक रहता है।
हादसे के बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय स्तर पर संबंधित अधिकारियों ने घटना की जानकारी जुटाई। युवक की पहचान और उसके परिजनों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। अस्पताल में उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की लापरवाही दोनों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ट्रेन की छत पर चढ़ना न केवल रेलवे नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ऊपर मौजूद विद्युत तारों के कारण जान का बड़ा खतरा भी पैदा करता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, रेलवे के ओवरहेड इलेक्ट्रिक तारों में इतना अधिक वोल्टेज होता है कि उनके सीधे संपर्क के अलावा नजदीक पहुंचने पर भी जानलेवा करंट लग सकता है। इसलिए रेलवे परिसर में लोगों को चेतावनी दी जाती है कि वे ट्रैक, पोल, ओवरहेड तार और ट्रेन की छत से दूर रहें।
फिलहाल पुलिस और रेलवे प्रशासन घटना की जांच में जुटे हैं। युवक ट्रेन की छत तक कैसे पहुंचा, हादसे के समय वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे और सुरक्षा व्यवस्था में क्या स्थिति थी, इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है।
कुल मिलाकर, टाटानगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की छत पर चहल-कदमी करना एक युवक के लिए बेहद खतरनाक साबित हुआ। ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में आने से उसे जोरदार करंट लगा और वह ट्रेन से नीचे गिर गया। हादसे के बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। रेलवे पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।











