देवकीनंदन ठाकुर ने AMU में मंदिर बनाने की मांग की, तिलक पर रोक को लेकर साधा निशाना

देवकीनंदन ठाकुर ने AMU में मंदिर बनाने की मांग की, तिलक पर रोक को लेकर साधा निशाना

प्रसिद्ध कथावाचक और धार्मिक वक्ता देवकीनंदन ठाकुर ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में तिलक पर रोक लगाने की घटना को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि वहां तिलक नहीं लगाया जा सकता, तो टोपी भी नहीं पहनी जानी चाहिए। 

Devkinandan Thakur Statement: देवकीनंदन ठाकुर अलीगढ़ के खुर्जा स्थित शारदा जैन में आयोजित श्री कुंज बिहारी सेवा परिकर के चतुर्थ वार्षिकोत्सव के अवसर पर चल रही मीरा चरित्र कथा में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंच से कई अहम बयान दिए। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में काम करने वाला एक सनातनी जब तिलक लगाकर वहां गया, तो उसे यह कहकर मना कर दिया गया कि वह तिलक लगाकर नहीं आए। उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का माहौल बन गया।

मीरा चरित्र कथा के दौरान दिए बयान

देवकीनंदन ठाकुर अलीगढ़ के खुर्जा स्थित शारदा जैन में श्री कुंज बिहारी सेवा परिकर के चतुर्थ वार्षिकोत्सव के अवसर पर चल रही मीरा चरित्र कथा में शामिल हुए। मंच से उन्होंने कहा,

'अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में काम करने वाला एक सनातनी तिलक लगाकर गया, तो उसे रोका गया। उसने कहा, हम तिलक नहीं लगाएंगे, लेकिन आप गारंटी दें कि आप टोपी नहीं पहनेंगे। यूनिवर्सिटी सरकार के पैसे से चलती है, किसी के निजी पैसे से नहीं। अगर वहां मस्जिद है तो मंदिर भी होना चाहिए, अगर टोपी है तो तिलक भी होना चाहिए।'

ठाकुर ने अपने भाषण में जोर देकर कहा कि यह भारत राम और कृष्ण का है, और यहां सभी धर्मों के अनुयायियों को समान अधिकार मिलना चाहिए।

AMU में मंदिर बनाने की मांग

ठाकुर ने स्पष्ट रूप से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मंदिर बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सनातनी संस्कृति और हिंदू धर्म के प्रतीकों को संरक्षित करना आज की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी हिन्दुओं को अपनी संस्कृति, धर्म और परंपरा को बचाने के लिए आगे आना चाहिए। उनका कहना था, हमारा सपना है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी तिलकधारी और भगवाधारी अपनी संस्कृति का सम्मान कर सकें। धर्म परिवर्तन करके मुस्लिम बने लोग भी इसी देश के नागरिक हैं।

ठाकुर ने रामायण, कृष्ण मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति को भारत की पवित्र भूमि पर संरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है।

बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार का जिक्र

देवकीनंदन ठाकुर ने बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हिन्दू वोट सभी राजनीतिक दलों को चाहिए, लेकिन मरते हुए हिन्दुओं के लिए कोई आवाज नहीं उठाता। ठाकुर ने सवाल उठाया कि धर्मनिरपेक्षता का ठेका केवल हिन्दुओं ने क्यों लिया है। उनका कहना था कि सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलने चाहिए।

देवकीनंदन ठाकुर के इस बयान के बाद सियासत भी गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी के नेता और प्रवक्ता मनोज कुमार काका ने कहा कि जो समाज में कटुता का प्रसार कर रहे हैं, वे संत नहीं हो सकते। उन्होंने ठाकुर के बयान को विवादास्पद बताया और कहा कि धर्म और राजनीति को मिलाना सही नहीं है।

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