देवोलीना भट्टाचार्जी ने बताई हनुमान चालीसा की महिमा, 18 साल के अनुभव पर बोलीं- बाबा खुद चुनते हैं

Devoleena Bhattacharjee ने हनुमान चालीसा को लेकर अपना 18 साल पुराना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि बाबा खुद चुनते हैं कि कौन उनकी चालीसा पढ़ेगा और लोगों को

देवोलीना भट्टाचार्जी टीवी पर अपने अलग-अलग किरदारों के लिए जानी जाती हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। वह अक्सर सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय साझा करती हैं। हाल ही में एक्ट्रेस ने हनुमान चालीसा को लेकर अपनी आस्था के बारे में बात की।

Devoleena Bhattacharjee on Hanuman Chalisa: टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने हनुमान चालीसा के प्रति अपनी गहरी आस्था और इससे जुड़े व्यक्तिगत अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि वह करीब 18 साल से नियमित रूप से हनुमान चालीसा पढ़ रही हैं और इस दौरान उन्हें अपनी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव महसूस हुए हैं। उनका मानना है कि हनुमान चालीसा का पाठ केवल अपनी इच्छा से शुरू करने की बात नहीं है, बल्कि इसके पीछे बजरंगबली की कृपा और बुलावा भी होता है।

हाल ही में फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने भी एक मुश्किल परिस्थिति के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस धार्मिक पाठ को लेकर चर्चा तेज हो गई। इसी संदर्भ में देवोलीना ने अपनी आस्था और लंबे समय से चले आ रहे अनुभव के बारे में प्रतिक्रिया दी।

18 साल से हनुमान चालीसा पढ़ रही हैं देवोलीना

देवोलीना भट्टाचार्जी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में लोगों से कहा कि हनुमान चालीसा के प्रभाव को समझने के लिए दूसरों की बातों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं इसका अनुभव करना चाहिए। उन्होंने बताया कि लगभग 17-18 साल पहले उन्होंने बिना किसी विशेष मार्गदर्शन के इसका पाठ शुरू किया था।

अभिनेत्री के मुताबिक, उस समय किसी ने उन्हें हनुमान चालीसा पढ़ने की सलाह नहीं दी थी और न ही इसके महत्व के बारे में विस्तार से बताया था। उन्होंने बस सहज रूप से इसका पाठ शुरू किया। देवोलीना ने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि इसके बाद उन्हें अपनी जिंदगी में बेहतरी महसूस हुई। उन्होंने यह भी कहा कि हनुमान चालीसा को लेकर उनका अनुभव व्यक्तिगत है। उनके संदेश में आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक जुड़ाव की झलक दिखाई देती है।

'बाबा खुद आपको अपनी चालीसा पढ़ने के लिए चुनते हैं'

देवोलीना ने अपने पोस्ट में एक खास बात कही, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। उनका मानना है कि हर व्यक्ति केवल अपनी कोशिश से हनुमान चालीसा का पाठ शुरू करके उसे जारी नहीं रख सकता। अभिनेत्री ने इसे बजरंगबली की कृपा से जोड़ते हुए कहा कि बाबा स्वयं अपने भक्तों को अपनी चालीसा पढ़ने के लिए चुनते हैं।

उन्होंने लोगों को इसे आजमाकर देखने की बात भी कही। उनके इस विचार को धार्मिक विश्वास और निजी आध्यात्मिक अनुभव के रूप में देखा जा सकता है। देवोलीना का संदेश यह बताता है कि उनके लिए हनुमान चालीसा केवल एक धार्मिक पाठ नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ा गहरा आध्यात्मिक अनुभव है।

कैप्टन स्मित मच्छार ने मुश्किल वक्त में किया था पाठ

देवोलीना की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार से जुड़ी एक विमान घटना चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 को उड़ान के दौरान आपात स्थिति का सामना करना पड़ा। विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे।

बताया गया कि विमान के को-पायलट ने कथित तौर पर विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। इस स्थिति में कैप्टन स्मित ने सूझबूझ और संयम के साथ हालात संभालने में भूमिका निभाई। विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भेजा और सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट की ओर रुख किया।

कैप्टन स्मित ने बताया था कि कठिन परिस्थितियों में वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। विमान में तनावपूर्ण पलों के दौरान भी उन्होंने इसी का सहारा लिया। उनके इस बयान के बाद कई लोगों ने धार्मिक आस्था और मुश्किल समय में मानसिक संबल के विषय पर चर्चा की।

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