धनबाद के प्रसिद्ध भटिंडा फॉल में बर्थडे मनाने पहुंचे चाचा-भतीजे की डूबने से मौत हो गई। दोनों परिवार के साथ पिकनिक मनाने और जन्मदिन सेलिब्रेट करने पहुंचे थे। इसी दौरान पानी की तेज धार की चपेट में आ गए और बहते हुए करीब 250 मीटर दूर चले गए। काफी तलाश के बाद दोनों के शव पानी के अंदर करीब 15 फीट गहरी गुफा में मिले। हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि दोनों जन्मदिन के मौके पर भटिंडा फॉल पहुंचे थे। परिवार के लोग वहां घूमने और समय बिताने के लिए आए थे। इसी दौरान दोनों पानी के आसपास मौजूद थे। अचानक तेज बहाव में संतुलन बिगड़ने के बाद वे पानी में चले गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि दोनों देखते ही देखते दूर बह गए।
घटना के बाद परिजनों ने शोर मचाया और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों की तलाश शुरू की गई। पानी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम के सामने भी चुनौती थी। काफी प्रयास के बाद दोनों को उस स्थान से बरामद किया गया, जहां पानी के अंदर गुफानुमा जगह बनी हुई थी।
रेस्क्यू के दौरान पता चला कि दोनों पानी के बहाव में करीब 250 मीटर दूर तक चले गए थे। करीब 15 फीट गहरे पानी में स्थित गुफा के अंदर दोनों के शव मिले। शवों को बाहर निकालने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। जिस जगह पर जन्मदिन की खुशी मनाने के लिए परिवार पहुंचा था, वहीं कुछ ही देर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने भी घटना पर दुख जताया।
भटिंडा फॉल धनबाद के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। खासकर छुट्टियों और त्योहारों के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने और प्राकृतिक सुंदरता देखने पहुंचते हैं। लेकिन झरने और जलाशय के आसपास पानी का बहाव कई बार अचानक तेज हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
इस हादसे ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। झरने के आसपास पानी की गहराई और तेज बहाव वाले स्थानों पर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है। कई बार पर्यटक उत्साह में सुरक्षित क्षेत्र से आगे चले जाते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के मौसम में जलस्तर और पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। ऐसे समय में झरने के आसपास पानी में उतरना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। पानी की सतह ऊपर से शांत दिखाई देने के बावजूद नीचे तेज धारा और गहरे गड्ढे हो सकते हैं।
घटना के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की गई। पुलिस की ओर से घटना की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी पता कर रही है कि दोनों पानी में किस जगह गए थे और हादसा किस तरह हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और परिवार के सदस्यों से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है।
इस घटना के बाद पर्यटन स्थल पर मौजूद अन्य लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया। परिवार के साथ घूमने आए लोगों ने पानी से दूरी बनाए रखना शुरू कर दिया। स्थानीय स्तर पर लोगों ने प्रशासन से मांग की कि खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
झरने और जलप्रपात वाले पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, गार्ड और चेतावनी संकेत बेहद जरूरी होते हैं। खासकर बारिश के दिनों में प्रशासन को ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखनी पड़ती है। पानी का बहाव बढ़ने की स्थिति में पर्यटकों को पानी में जाने से रोकना भी जरूरी होता है।
चाचा-भतीजे की मौत ने परिवार के लिए जन्मदिन के दिन को जिंदगी भर की त्रासदी में बदल दिया। जिस दिन घर में खुशी का माहौल होना था, उसी दिन दो लोगों की मौत की खबर से परिवार टूट गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन स्थलों पर आने वाले लोगों को भी अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए। पानी के पास सेल्फी लेने, गहरे पानी में जाने या तेज बहाव के बीच खड़े होने से बचना चाहिए। खासकर बच्चों और युवाओं को अकेले पानी के पास नहीं जाने देना चाहिए।
पुलिस ने घटना के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य औपचारिकताओं के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। हादसे की विस्तृत परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगी।
कुल मिलाकर, धनबाद के भटिंडा फॉल में जन्मदिन मनाने पहुंचे चाचा-भतीजे की तेज पानी की धार में बहने से मौत हो गई। दोनों करीब 250 मीटर दूर तक बह गए और बाद में 15 फीट गहरे पानी में बनी गुफा से उनके शव बरामद किए गए। हादसे के बाद परिवार में मातम है और पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।











