धार भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा की दी अनुमति, मुस्लिम पक्ष के लिए तय किया समय

धार भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा की दी अनुमति, मुस्लिम पक्ष के लिए तय किया समय

सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी के दिन धार में विवादित भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को प्रार्थना करने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही मुस्लिम पक्ष को भी शुक्रवार के दिन दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है।

मध्य प्रदेश: धार में विवादित भोजशाला को लेकर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच वर्षों से चल रहे तनाव के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी 2026 के दिन दोनों पक्षों के लिए सुरक्षित और संतुलित प्रार्थना समय निर्धारित किया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि हिंदू पक्ष सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा कर सकते हैं, जबकि मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज पढ़ने की अनुमति होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ—मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली—ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों से आपसी सम्मान और सहयोग बनाए रखने की अपील की। कोर्ट ने राज्य और जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखें और विवाद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासनिक पास या अन्य सुरक्षा उपाय अपनाएँ। 

पीठ ने यह भी कहा कि मुस्लिम पक्ष के नमाज पढ़ने वाले लोगों की संख्या जिला प्रशासन को आज ही सूचित की जाए, ताकि सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जा सकें।

विवाद क्यों सुप्रीम कोर्ट तक गया?

इस साल बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है, जबकि मुस्लिम समाज इस दिन जुमे की नमाज के लिए भोजशाला में इकट्ठा होता है। हिंदू पक्ष की याचिका थी कि पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति दी जाए। मुस्लिम पक्ष ने विरोध करते हुए याचिका दायर की थी। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वरिष्ठ वकील विष्णु शंकर जैन और हरिशंकर जैन ने दलील पेश की। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने बाबा कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी की ओर से पक्ष रखा।

  • धार की भोजशाला एएसआई संरक्षित स्मारक है।
  • हिंदू पक्ष इसे देवी सरस्वती का मंदिर मानता है।
  • मुस्लिम पक्ष इसे मौलाना कमालुद्दीन की मजार बताता है।

18वीं सदी में अंग्रेज सरकार ने खुदाई कराई थी, जिसमें देवी सरस्वती की प्रतिमा मिली थी, जो वर्तमान में लंदन संग्रहालय में रखी हुई है। एएसआई के आदेश के अनुसार, हिंदुओं को हर मंगलवार और मुस्लिमों को हर शुक्रवार पूजा और नमाज करने की अनुमति थी। इस साल शुक्रवार और बसंत पंचमी एक ही दिन पड़ने के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और संभावित तनाव को देखते हुए धार में भारी सुरक्षा तैनात की गई है:

  • 8,000 से अधिक पुलिसकर्मी मौके पर तैनात
  • भोजशाला परिसर में वॉच टावर और पुलिस चौकी बनाई गई
  • 200 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए
  • पुलिस लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में पेट्रोलिंग कर रही है
  • प्रशासन ने ड्रोन निगरानी और मार्ग बंदी के उपाय अपनाए

धार के आईजी और स्थानीय प्रशासन ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से तैयार है ताकि बसंत पंचमी के दिन दोनों पक्षों की पूजा और नमाज शांति एवं व्यवस्था के साथ संपन्न हो सके।

Leave a comment