दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक 6 मंजिला होटल-रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। 37 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। फायर ब्रिगेड और पुलिस राहत कार्य में जुटी है, जबकि जांच जारी है।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक छह मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। राहत और बचाव कार्य के दौरान कई लोगों को बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों से निकाला गया, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है क्योंकि कई घायलों का इलाज अस्पतालों में जारी है।
सुबह 8:50 बजे लगी आग, तेजी से फैली लपटें
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के मुताबिक, आग लगने की सूचना सुबह 8:50 बजे मिली थी। कुछ ही मिनटों में फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। शुरुआती चरण में सात दमकल गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए बाद में कुल 10 से अधिक फायर टेंडर तैनात किए गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग सबसे पहले इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी और देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई। इमारत में एक होटल भी संचालित हो रहा था, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।
बेसमेंट से कई लोगों का रेस्क्यू
बचाव दल ने सबसे पहले बेसमेंट में फंसे लोगों को बाहर निकाला। अधिकारियों के अनुसार, बेसमेंट से छह से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इसके बाद ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों को सीढ़ियों और खिड़कियों के माध्यम से रेस्क्यू किया गया।
37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ मरीजों को धुएं के कारण सांस लेने में गंभीर दिक्कत आई है।
फ्लोरिस स्टे होटल और रेस्टोरेंट संचालित था इमारत में
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, जिस इमारत में आग लगी, उसमें “फ्लोरिस स्टे” नाम का होटल संचालित किया जा रहा था। इसके अलावा ग्राउंड फ्लोर पर लेमन ग्रीन नामक रेस्टोरेंट भी था, जहां से आग की शुरुआत होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के बाद इमारत में कांच तोड़े गए, जिससे धुआं बेसमेंट की ओर फैल गया और स्थिति और अधिक भयावह हो गई।
फायर ब्रिगेड और पुलिस का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीमों ने मिलकर संयुक्त बचाव अभियान चलाया। दमकल कर्मियों ने भारी धुएं और आग की लपटों के बीच इमारत में प्रवेश कर लोगों को बाहर निकाला।
दिल्ली फायर सर्विस के PRO के अनुसार, टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया गया। शुरुआत में ही कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि बाद में ऊपरी मंजिलों से भी लोगों को रेस्क्यू किया गया।

प्रशासन ने जांच के आदेश दिए, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
दिल्ली प्रशासन ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में इमारत में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यह जांच की जाएगी कि इमारत में फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद था या नहीं, और क्या रेस्टोरेंट व होटल को सभी आवश्यक अनुमति प्राप्त थी।
उपराज्यपाल ने जताया दुख, राहत कार्य तेज करने के निर्देश
दिल्ली के उपराज्यपाल ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घटना की गहन जांच की जाए और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
रिटायर्ड IAS अधिकारी की अलग घटना में मौत
इसी बीच दिल्ली के हौज खास इलाके में एक अलग घटना में रिटायर्ड IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार की आग लगने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आग एयर कंडीशनिंग यूनिट में ब्लास्ट के कारण लगी थी। हादसे के समय घर में पांच लोग मौजूद थे, जिनमें से एक घायल का अस्पताल में इलाज जारी है।
दिल्ली में लगातार बढ़ते अग्निकांडों पर चिंता
हाल के दिनों में दिल्ली में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बड़े हादसों का कारण बन रही है।
अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हादसों से बचने के लिए नियमित फायर ऑडिट, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और सख्त लाइसेंसिंग नियमों का पालन जरूरी है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल प्रशासन और फायर विभाग की टीमें पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग कैसे लगी और क्या इमारत में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी तय की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता घायलों के इलाज और बचाव कार्य को दी जा रही है।











