दिल्ली विधानसभा शीतकालीन सत्र 2025: 5 जनवरी को LG के अभिभाषण के साथ होगी शुरुआत

दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी 2025 से शुरू होगा। पहले दिन उपराज्यपाल (LG) के अभिभाषण के साथ सत्र की औपचारिक शुरुआत होगी। AAP का पलटवार तय

दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से उपराज्यपाल वीके सक्सेना के संबोधन के साथ शुरू होगा। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चार दिवसीय इस सत्र में महत्वपूर्ण विधायी और प्रक्रियात्मक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जिसके लिए सत्र आयोजन संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई है।

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र आगामी 5 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। सत्र की शुरुआत उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण से होगी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह चार दिवसीय सत्र होगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण विधायी और प्रक्रियात्मक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सत्र के आयोजन को लेकर विधानसभा सचिवालय द्वारा अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विधानसभा सचिवालय की विभिन्न शाखाओं के बीच समन्वय स्थापित किया गया है ताकि सदन की कार्यवाही बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज और रिपोर्टें सदन के पटल पर रखी जा सकती हैं।

‘शीश महल’ पर CAG रिपोर्ट से गरमाएगी सियासत

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, इस शीतकालीन सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास, जिसे विपक्ष ‘शीश महल’ कहता है, उसके रखरखाव और नवीनीकरण पर हुए खर्च से जुड़ी CAG (भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट पेश की जा सकती है। यदि यह रिपोर्ट सदन में आती है, तो इसके राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील होने की संभावना है।

भाजपा (BJP) के विधायक इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) पर आक्रामक रुख अपना सकते हैं और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगा सकते हैं। भाजपा पहले से ही इस मुद्दे को लेकर दिल्ली की राजनीति में हमलावर रही है और सत्र के दौरान इस पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

AAP का पलटवार तय

दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी भी भाजपा पर पलटवार की तैयारी में है। पार्टी के विधायक वायु प्रदूषण, कानून-व्यवस्था, केंद्र-राज्य संबंध और दिल्ली से जुड़े अन्य नागरिक मुद्दों को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार को घेर सकते हैं। ऐसे में यह शीतकालीन सत्र राजनीतिक रूप से काफी हंगामेदार रहने की संभावना है।

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह सत्र केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें कई महत्वपूर्ण विधायी और प्रक्रियात्मक कार्य भी पूरे किए जाएंगे। सरकार की ओर से कुछ प्रस्ताव और रिपोर्टें पेश किए जाने की संभावना है, जिन पर सदन में चर्चा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए सभी सदस्यों से अपेक्षा की जाती है कि वे सदन की गरिमा बनाए रखें और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा करें।

 

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