दिल्ली यूनिवर्सिटी की सहायक प्रोफेसर देवस्मिता पॉल का शव वसुंधरा एन्क्लेव स्थित फ्लैट में मिला। बहन ने ताला तोड़कर शव देखा। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कई टीमें जांच में जुटी हैं।
नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्वी हिस्से स्थित वसुंधरा एन्क्लेव में उस समय सनसनी फैल गई जब दिल्ली विश्वविद्यालय (University of Delhi) के एक कॉलेज की सहायक प्रोफेसर अपने फ्लैट में मृत पाई गईं। मृतका की पहचान देवस्मिता पॉल के रूप में हुई है, जो शिवाजी कॉलेज में पढ़ाती थीं और अकेले अपने फ्लैट में रह रही थीं।
यह घटना गुरुवार दोपहर सामने आई, जब उनकी बहन ने ताला तोड़कर फ्लैट के अंदर प्रवेश किया और शव देखा। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इसे गंभीर मामला मानते हुए हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे सामने आया मामला: बहन ने तोड़ा ताला
जानकारी के अनुसार, देवस्मिता पॉल कई घंटों से अपनी बहन के संपर्क में नहीं थीं। परिवार ने उन्हें बार-बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। लगातार संपर्क न होने पर उनकी बहन देवरति पॉल को चिंता हुई और वह सीधे वसुंधरा एन्क्लेव स्थित फ्लैट पर पहुंच गईं।
फ्लैट बाहर से बंद था, जिससे शक और गहरा गया। स्थिति को गंभीर मानते हुए उन्होंने ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। जैसे ही वह अंदर पहुंचीं, उन्होंने अपनी बहन को मृत अवस्था में पाया, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम की जांच
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया गया।
फॉरेंसिक टीम ने फ्लैट की बारीकी से जांच कर कई वैज्ञानिक साक्ष्य और नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी।
शव को कब्जे में लेकर लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भेज दिया गया है, जहां पोस्टमार्टम प्रक्रिया चल रही है।

हत्या का केस दर्ज, कई टीमों का गठन
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। शुरुआती जांच में इसे संदिग्ध हत्या का मामला माना जा रहा है।
पुलिस ने जांच को तेज करने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया है, जो अलग-अलग एंगल से मामले की जांच कर रही हैं। इनमें तकनीकी टीम, सीसीटीवी सर्विलांस टीम और इंटेलिजेंस यूनिट शामिल हैं।
मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज पर फोकस
जांच एजेंसियां अब मृतका के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही हैं। इसके साथ ही उनके परिचितों, सहकर्मियों और करीबी लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस आसपास के इलाकों और सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले या बाद में कौन व्यक्ति फ्लैट के आसपास आया था।
अकेले रहने का पहलू भी जांच के दायरे में
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, देवस्मिता पॉल वसुंधरा एन्क्लेव स्थित फ्लैट में अकेली रहती थीं। ऐसे में पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या यह मामला किसी परिचित व्यक्ति से जुड़े विवाद या व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम हो सकता है।
हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और सभी संभावित एंगल्स पर जांच जारी है।
विश्वविद्यालय और शैक्षणिक जगत में शोक
इस घटना के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षकों और छात्रों में शोक की लहर है। शिवाजी कॉलेज में पढ़ाने वाली सहायक प्रोफेसर की अचानक मौत ने पूरे शैक्षणिक समुदाय को झकझोर दिया है।
Shivaji College से जुड़े लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और इसे एक बड़ी क्षति के रूप में देख रहे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुल सकते हैं रहस्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह मामला प्राकृतिक मौत है, दुर्घटना है या फिर हत्या।
फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल सबूत इस जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।











