Direct Tax Collection 2026-27: सरकार के खजाने में बढ़ी कमाई, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 23% उछला

Direct Tax Collection 2026-27: वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 23% की जोरदार बढ़ोतरी हुई है। जानें टैक्स से सरकार की कमाई और ताजा

वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में सरकार के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, 10 अगस्त 2026 तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर 23.09 फीसदी बढ़कर ₹8.11 लाख करोड़ पहुंच गया।

बिजनेस न्यूज़: वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही भारत सरकार के टैक्स राजस्व में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है। आयकर विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 अगस्त 2026 तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 23.09% बढ़कर ₹8.11 लाख करोड़ पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में सरकार को नेट डायरेक्ट टैक्स के तौर पर ₹6.59 लाख करोड़ मिले थे।

इस तरह सालाना आधार पर सरकार के नेट डायरेक्ट टैक्स राजस्व में करीब ₹1.52 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है। टैक्स कलेक्शन में यह वृद्धि सरकार की राजस्व स्थिति और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन भी मजबूत

आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 10 अगस्त तक सरकार का ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन ₹9.55 लाख करोड़ रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹7.97 लाख करोड़ था। इस आधार पर ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में करीब 19.75% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। रिफंड का भुगतान करने के बाद नेट कलेक्शन ₹8.11 लाख करोड़ रहा।

डायरेक्ट टैक्स में मुख्य रूप से व्यक्तिगत आयकर और कॉरपोरेट टैक्स जैसी प्रमुख श्रेणियां शामिल होती हैं। इसलिए इन आंकड़ों से देश में कर संग्रह की शुरुआती रफ्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है।

नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में 23% से ज्यादा वृद्धि

डायरेक्ट टैक्स राजस्व में नॉन-कॉरपोरेट टैक्स का योगदान सबसे अधिक रहा। इस श्रेणी में व्यक्तिगत करदाताओं के अलावा हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), फर्म, एसोसिएशन, स्थानीय निकाय और कुछ अन्य संस्थाओं से मिलने वाला टैक्स शामिल होता है। 10 अगस्त तक नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन ₹5.07 लाख करोड़ रहा। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹4.11 लाख करोड़ था। इस तरह इस श्रेणी में करीब 23.4% की वृद्धि दर्ज की गई।

कुल नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में नॉन-कॉरपोरेट टैक्स का हिस्सा महत्वपूर्ण रहा। यह बढ़ोतरी व्यक्तिगत और अन्य गैर-कॉरपोरेट करदाताओं से सरकार की बढ़ी हुई टैक्स प्राप्तियों को दर्शाती है।

कॉरपोरेट टैक्स से भी बढ़ी कमाई

कंपनियों से मिलने वाले कॉरपोरेट टैक्स में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार, 10 अगस्त तक नेट कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन ₹2.70 लाख करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में सरकार को कॉरपोरेट टैक्स से ₹2.26 लाख करोड़ मिले थे। इस तरह सालाना आधार पर इसमें करीब 19.8% की बढ़ोतरी हुई है।

डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में कॉरपोरेट टैक्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। कंपनियों की ओर से बढ़ा हुआ टैक्स भुगतान कारोबार और मुनाफे से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों का एक संकेतक भी हो सकता है, हालांकि केवल टैक्स आंकड़ों से कंपनियों की समग्र वित्तीय स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता।

शेयर बाजार से STT कलेक्शन में 51% उछाल

सरकार की कमाई में Securities Transaction Tax (STT) ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 10 अगस्त 2026 तक STT से सरकार को ₹33,823.74 करोड़ का राजस्व मिला। एक साल पहले इसी अवधि में STT कलेक्शन ₹22,354.31 करोड़ था। इस तरह इसमें करीब 51% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई। STT शेयर बाजार में कुछ प्रकार के सिक्योरिटीज लेनदेन पर लगाया जाने वाला टैक्स है। 

इसलिए इसके कलेक्शन में बढ़ोतरी का एक कारण बाजार में बढ़ी ट्रेडिंग गतिविधि भी हो सकती है। हालांकि, STT में वृद्धि को केवल शेयर बाजार में तेजी का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता, क्योंकि कारोबार की मात्रा और लेनदेन की प्रकृति भी इस पर असर डालती है।

Leave a comment