DoT ने RCOM की ₹801.91 करोड़ की बैंक गारंटी भुनाई, दिवाला प्रक्रिया में बढ़ी कंपनी की मुश्किलें

दूरसंचार विभाग ने RCOM की ₹801.91 करोड़ की बैंक गारंटी भुना ली। स्पेक्ट्रम किस्तों में कथित चूक के बाद दिवाला प्रक्रिया में कंपनी की मुश्किलें बढ़ीं।

नई दिल्ली में दूरसंचार विभाग ने रिलायंस कम्युनिकेशंस की ₹801.91 करोड़ की बैंक गारंटी भुना ली। यह कार्रवाई स्पेक्ट्रम किस्तों के भुगतान में कथित चूक के बाद हुई, जिससे दिवाला प्रक्रिया से गुजर रही कंपनी पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।

Business: दूरसंचार विभाग ने अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस की करीब ₹801.91 करोड़ की बैंक गारंटी भुना ली है। यह कदम अलग-अलग स्पेक्ट्रम नीलामियों के तहत देय वार्षिक किस्तों के भुगतान में कथित चूक के बाद उठाया गया। कंपनी ने शेयर बाजारों को दी जानकारी में कहा कि इस कार्रवाई से उसकी देनदारियों और दावों पर वित्तीय असर पड़ सकता है।

चार बैंकों से जुड़ी बैंक गारंटी भुनाई

दूरसंचार विभाग यानी DoT ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) की ओर से जमा की गई वित्तीय बैंक गारंटी को भुना लिया है। कंपनी के मुताबिक, इन गारंटियों की कुल राशि करीब ₹801.91 करोड़ है। विभाग ने संबंधित बैंकों को गारंटी की रकम सरकार के पक्ष में जारी करने के निर्देश दिए।

ये बैंक गारंटी अलग-अलग स्पेक्ट्रम नीलामियों के तहत RCOM की ओर से सरकार को किए जाने वाले भुगतान की किस्तों को सुरक्षित करने के लिए जमा की गई थीं। कंपनी ने शेयर बाजारों को दी गई आधिकारिक सूचना में इस कार्रवाई की जानकारी दी है।

RCOM के अनुसार, DoT की कार्रवाई उन वार्षिक किस्तों के भुगतान में कथित चूक से जुड़ी है, जिनका भुगतान कंपनी को स्पेक्ट्रम से संबंधित दायित्वों के तहत करना था। तय भुगतान में चूक के बाद विभाग ने बैंक गारंटी को भुनाने का कदम उठाया।

SBI और Yes Bank से भी जुड़ी गारंटी

दूरसंचार विभाग ने RCOM की ओर से चार प्रमुख बैंकों द्वारा दी गई गारंटियों को भुनाया है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और Yes Bank से जुड़ी गारंटियां भी शामिल हैं। इन सभी गारंटियों को मिलाकर करीब ₹801.91 करोड़ की राशि सरकार ने हासिल की है।

बैंक गारंटी भुनाए जाने का कंपनी की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है। RCOM ने कहा है कि वह इस कार्रवाई के कानूनी और वित्तीय प्रभावों की जांच कर रही है। कंपनी के मुताबिक, इससे उसकी देनदारियों और विभिन्न दावों की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

पहले से दिवाला प्रक्रिया का सामना कर रही कंपनी के लिए यह घटनाक्रम एक अतिरिक्त वित्तीय चुनौती है। स्पेक्ट्रम भुगतान से जुड़ी देनदारी और बैंक गारंटी की रकम भुनाए जाने का असर आगे की समाधान प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है।

जून 2019 से दिवाला प्रक्रिया में है RCOM

रिलायंस कम्युनिकेशंस जून 2019 से कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) के तहत है। कंपनी का प्रबंधन और संचालन नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की ओर से नियुक्त रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल के माध्यम से किया जा रहा है।

कंपनी ने कहा है कि वह DoT की इस कार्रवाई के संबंध में लागू कानून और दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (IBC) के प्रावधानों के तहत उचित कदम उठाएगी। RCOM इस मामले के कानूनी और वित्तीय पहलुओं का मूल्यांकन कर रही है।

₹801.91 करोड़ की बैंक गारंटी का भुनाया जाना RCOM की पहले से चल रही दिवाला प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब इस कार्रवाई का कंपनी की देनदारियों, दावों और आगे की समाधान प्रक्रिया पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह संबंधित कानूनी और वित्तीय प्रक्रिया से स्पष्ट होगा।

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