दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) 2026 के छठे मुकाबले में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईस्ट दिल्ली राइडर्स को छह विकेट से हरा दिया। अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मैच में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
स्पोर्ट्स न्यूज़: दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) 2026 में क्रिकेट प्रेमियों को एक और रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जहां नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईस्ट दिल्ली राइडर्स को छह विकेट से हराया। अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों ने आक्रामक क्रिकेट का प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में सार्थक रंजन और यश भाटिया की बेहतरीन बल्लेबाजी ने नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स को यादगार जीत दिलाई।
172 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने शुरुआती झटकों के बावजूद शानदार वापसी की और चार ओवर शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान सार्थक रंजन की 95 रनों की तूफानी पारी इस जीत का सबसे बड़ा आकर्षण रही।
सुजल सिंह की शानदार पारी से ईस्ट दिल्ली ने बनाया मजबूत स्कोर
पहले बल्लेबाजी करते हुए ईस्ट दिल्ली राइडर्स ने 20 ओवर में 171/6 का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। टीम की पारी के नायक सुजल सिंह रहे, जिन्होंने 50 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। राइडर्स की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही। हालांकि, दूसरे छोर पर खड़े सुजल सिंह ने संयम और आक्रामकता का शानदार मिश्रण दिखाया।
उन्होंने पारी को संभालने के साथ-साथ रन गति भी बनाए रखी और अंतिम ओवरों में तेजी से रन जोड़कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। उनकी पारी ने ईस्ट दिल्ली को मुकाबले में बनाए रखा और नॉर्थ दिल्ली के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
गेंदबाजी में विकास दीक्षित ने दिखाया नियंत्रण
नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स की ओर से गेंदबाजों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशेष रूप से विकास दीक्षित ने किफायती गेंदबाजी करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में केवल 19 रन खर्च किए और एक महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया। उनकी सटीक लाइन और लेंथ ने राइडर्स को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका।

लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ाई शुरुआत
172 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के कारण टीम का स्कोर 39 रन पर दो विकेट हो गया। ऐसे समय में कप्तान सार्थक रंजन और यश भाटिया ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने दबाव की स्थिति में संयम बनाए रखा और धीरे-धीरे मैच का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। तीसरे विकेट के लिए दोनों के बीच 113 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने मैच की दिशा पूरी तरह बदल दी।
सार्थक रंजन का तूफान, शतक से सिर्फ 5 रन दूर
कप्तान सार्थक रंजन ने एक कप्तानी पारी खेलते हुए सिर्फ 50 गेंदों पर 95 रन बनाए। उनकी इस विस्फोटक पारी में सात चौके और आठ शानदार छक्के शामिल रहे। रंजन ने मैदान के हर हिस्से में शॉट लगाए और विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। उनकी बल्लेबाजी का सबसे यादगार क्षण 14वें ओवर में देखने को मिला, जब उन्होंने तेज गेंदबाज सिमरजीत सिंह के एक ही ओवर में 29 रन बटोर लिए।
इस आक्रमण के बाद मैच पूरी तरह नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स की पकड़ में आ गया। हालांकि, जब ऐसा लग रहा था कि वह शतक पूरा कर लेंगे, तब वह 95 रन के स्कोर पर आउट हो गए। आशीष मीना की गेंद पर वैभव बैसला ने उनका कैच लपककर उनकी यादगार पारी का अंत किया। भले ही वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुई।
यश भाटिया ने निभाई अहम भूमिका
दूसरे छोर पर यश भाटिया ने भी शानदार बल्लेबाजी की और नाबाद अर्धशतक जड़ा। उन्होंने परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाजी करते हुए टीम को स्थिरता प्रदान की। जहां सार्थक रंजन ने आक्रामक अंदाज अपनाया, वहीं यश ने समझदारी के साथ पारी को आगे बढ़ाया और जीत तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी संयमित बल्लेबाजी ने सुनिश्चित किया कि टीम लक्ष्य का पीछा करते समय किसी अतिरिक्त दबाव में न आए।












